Flaxseed Halwa आयुर्वेदिक मिठास के साथ सेहतमंद शुरुआत

Update: 2025-06-09 06:24 GMT
Flaxseed Halwa रेसिपी: आपको एक हेल्दी अलसी का हलवा बनाने के लिए आधा कप हल्के भुने और दरदरे पिसे हुए अलसी के बीज, एक चौथाई कप गेहूं या जई का आटा, आधा कप गुड़, दो कप दूध, दो चम्मच घी, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर, दो चम्मच कटे हुए काजू, बादाम, अखरोट और एक चम्मच किशमिश की आवश्यकता होगी।
अलसी का हलवा बनाने की सामग्री:
अलसी पाउडर – 1 कप
गेहूं का आटा – 1/2 कप
देसी घी – 1/2 कप
गुड़ या शक्कर – 3/4 कप (स्वादानुसार)
पानी – 2 कप
कटे हुए ड्राई फ्रूट्स – 1/4 कप (बादाम, काजू, पिस्ता)
इलायची पाउडर – 1/2 टीस्पून
अलसी का हलवा बनाने की विधि:
1. अलसी को भूनना:
सबसे पहले अलसी को सूखा तवे पर हल्की आंच पर 2-3 मिनट के लिए भून लें। फिर इसे ठंडा कर मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें। यह पाउडर आप पहले से बनाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर भी कर सकते हैं।
2. आटा और अलसी का मिश्रण भूनना:
कढ़ाही में देसी घी डालें और गरम होने दें। अब इसमें गेहूं का आटा डालें और धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। फिर इसमें अलसी का पाउडर मिलाएं और लगातार चलाते हुए 5-7 मिनट तक भूनें जब तक अच्छी खुशबू आने लगे और रंग बदल जाए।
3. गुड़ या शक्कर का पानी बनाना:
एक पैन में पानी गर्म करें और उसमें गुड़ डालें। जब गुड़ पूरी तरह घुल जाए तो इसे छान लें ताकि कोई गंदगी या मैल हट जाए।
4. हलवे में मीठा मिलाना:
अब भुने हुए मिश्रण में धीरे-धीरे गुड़ का पानी डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न बनें। धीमी आंच पर पकाएं जब तक हलवा गाढ़ा न हो जाए और घी छोड़ने लगे।
5. स्वाद और खुशबू बढ़ाएं:
अब इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें। 2 मिनट और पकाएं, फिर गैस बंद कर दें।
सर्विंग का तरीका:
अलसी का यह हेल्दी हलवा गरमा-गरम सर्व करें। चाहें तो ऊपर से और ड्राई फ्रूट्स या घी डालकर सजा सकते हैं।
अलसी के हलवे के फायदे:
दिल की सेहत के लिए फायदेमंद: ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल कम करता है।
डायजेशन बेहतर बनाता है: इसमें मौजूद फाइबर पाचन में सहायक है।
डायबिटीज में मददगार: लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने से ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।
हड्डियों को मजबूत करता है: इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर होता है।
हेल्दी टिप:
अगर आप शुगर या डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो गुड़ की जगह स्टीविया या लो-कैलोरी स्वीटनर इस्तेमाल कर सकते हैं। घी की मात्रा को भी कम किया जा सकता है।
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