लाइफ स्टाइल : दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशियों और उत्साह का प्रतीक है। इस दिन घरों को दीपों से सजाने की परंपरा सदियों पुरानी है। मिट्टी के दीयों की रोशनी से घर का हर कोना जगमगा उठता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर मिट्टी के दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यही वजह है कि आज भी लोग बिजली की झालरों और सजावटी लाइटों के साथ मिट्टी के दीयों को विशेष महत्व देते हैं। हालांकि, हर साल दीये खरीदने के बाद लोगों को एक छोटी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नए मिट्टी के दीयों में तेल डालने पर कई बार तेल जल्दी खत्म हो जाता है और दीपक उम्मीद से कम समय तक जलता है।

दरअसल, मिट्टी से बने नए दीयों में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। मिट्टी की यह प्राकृतिक संरचना दीये को तेल सोखने वाला बना देती है। जब बिना किसी तैयारी के नए दीये में तेल डाला जाता है, तो बाती तक पहुंचने से पहले ही कुछ तेल मिट्टी में समा सकता है। इससे तेल की खपत बढ़ जाती है और दीया जल्दी बुझने की आशंका रहती है। लेकिन एक आसान घरेलू तरीका अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए दीये जलाने से पहले उन्हें कुछ समय पानी में भिगोकर रखना होता है।
पानी में भिगोने से कैसे बचता है तेल?
मिट्टी के दीये को पानी में भिगोने का तरीका काफी सरल है। दरअसल, मिट्टी के बर्तन और दीयों की सतह पर सूक्ष्म छिद्र मौजूद होते हैं। नए दीये को कुछ समय पानी में रखने से इन छिद्रों में पानी भर जाता है। इससे दीये की मिट्टी की तेल सोखने की क्षमता कम हो सकती है। परिणामस्वरूप, दीये में डाला गया तेल ज्यादा मात्रा में मिट्टी के अंदर जाने के बजाय बाती तक पहुंचने के लिए उपलब्ध रहता है।यह तरीका विशेष रूप से उन दीयों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो बिना किसी पॉलिश या सीलिंग के तैयार किए जाते हैं। हालांकि, हर दीये की मिट्टी, आकार और पकाने की प्रक्रिया अलग होती है, इसलिए तेल की बचत कितनी होगी, यह दीये की गुणवत्ता पर भी निर्भर करता है।
दीये इस्तेमाल करने से पहले अपनाएं ये आसान तरीका
मिट्टी के नए दीयों को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले कुछ आसान चरण अपनाए जा सकते हैं।
1. सबसे पहले सभी नए मिट्टी के दीयों को साफ पानी से धो लें, ताकि उनमें लगी मिट्टी की धूल और गंदगी निकल जाए।
2. अब किसी बड़े बर्तन, टब या बाल्टी में साफ पानी भर लें।
3. सभी दीयों को इस पानी में पूरी तरह डुबो दें। ध्यान रखें कि दीये पानी में अच्छी तरह भीग जाएं।
4. उन्हें कुछ घंटों तक पानी में रहने दें। जरूरत पड़ने पर अधिक समय भी रखा जा सकता है।
5. इसके बाद दीयों को पानी से निकालकर साफ सूखे कपड़े पर रख दें।
6. इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह सूखने दें। दीयों में पानी रहने पर सीधे तेल और बाती डालकर न जलाएं।
इस प्रक्रिया से मिट्टी के छिद्रों में पानी भरने में मदद मिलती है। दीये पूरी तरह सूख जाने के बाद उनमें तेल डालकर बाती रखी जा सकती है।
कितनी देर तक पानी में रखें दीये?
आमतौर पर नए मिट्टी के दीयों को इस्तेमाल से पहले करीब 2 से 3 घंटे तक पानी में डुबोकर रखना एक उपयोगी तरीका माना जाता है। कुछ लोग इन्हें रातभर भी पानी में भिगोकर रखते हैं। इसके बाद दीयों को बाहर निकालकर छायादार और हवादार जगह पर सूखने के लिए रख देना चाहिए।ध्यान रखें कि दीयों की बाहरी सतह और अंदर की नमी अच्छी तरह सूख जाए। गीले दीये में सीधे तेल डालकर आग नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि बची हुई नमी गर्म होने पर तेल के छींटे उड़ा सकती है।
तेल की बचत के साथ लंबे समय तक जलेंगे दीये
मिट्टी के दीयों में तेल जल्दी खत्म होने की एक वजह उनका तेल सोखना भी हो सकता है। पानी में भिगोने से मिट्टी के सूक्ष्म छिद्रों में नमी पहुंचती है, जिससे तेल का अवशोषण कम हो सकता है। इससे दीये में भरा तेल बाती के लिए अधिक समय तक उपलब्ध रह सकता है।हालांकि, दीये के रातभर जलने की कोई गारंटी नहीं है। यह बाती की लंबाई, मोटाई, तेल की मात्रा, तेल की गुणवत्ता और हवा की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि दीपावली की रात घर में लंबे समय तक रोशनी बनी रहे, तो सही आकार के दीये और अच्छी सूती बाती का चुनाव भी जरूरी है।
दीये जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
दीपावली पर घर को सजाते समय खूबसूरत दीयों के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। दीयों को हमेशा समतल और मजबूत सतह पर रखें। उनमें जरूरत से ज्यादा तेल न भरें, ताकि तेल छलकने का खतरा न रहे। बाती को तेल में अच्छी तरह भिगोकर ही जलाएं।दीयों को पर्दों, सोफे, कागज, कपड़ों और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से भी इन्हें दूर रखना चाहिए। तेज हवा वाली जगह पर खुले दीये रखने से बचें। सबसे जरूरी बात यह है कि जलते हुए दीयों को कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें और सोने से पहले सभी दीयों को सुरक्षित तरीके से बुझा दें।
इस दिवाली अपनाएं मिट्टी के दीयों का यह आसान तरीका
आज के समय में बाजार में तरह-तरह की इलेक्ट्रिक लाइटें और सजावटी दीपक उपलब्ध हैं, लेकिन मिट्टी के दीयों की खूबसूरती और पारंपरिक महत्व अलग ही है। इनकी रोशनी घर में त्योहार का पारंपरिक वातावरण तैयार करती है। साथ ही मिट्टी के दीये खरीदने से स्थानीय कुम्हारों और छोटे कारीगरों को भी रोजगार मिलता है।इस दीपावली नए मिट्टी के दीये खरीदने के बाद उन्हें सीधे इस्तेमाल करने के बजाय कुछ घंटे पानी में भिगोने और फिर अच्छी तरह सुखाने का तरीका आजमाया जा सकता है। इससे दीयों की तेल सोखने की क्षमता कम करने में मदद मिल सकती है और तेल की बर्बादी भी घट सकती है।
Tags: