लाइफस्टाइल : रात में पर्याप्त नींद लेने के बाद भी अगर दिनभर बार-बार जम्हाई आती है तो इसे हमेशा केवल आलस या नींद की कमी से जोड़ना सही नहीं है। जम्हाई शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर यह असामान्य रूप से ज्यादा हो रही है तो इसके पीछे नींद की गुणवत्ता, दवाओं के प्रभाव से लेकर कुछ स्वास्थ्य समस्याएं तक जिम्मेदार हो सकती हैं।
नींद की गुणवत्ता हो सकती है खराब
कई बार व्यक्ति सात से आठ घंटे सोता है, लेकिन उसकी नींद बार-बार टूटती रहती है। ऐसे में सोने का समय पर्याप्त होने के बावजूद शरीर को अच्छी गुणवत्ता वाली नींद नहीं मिलती। स्लीप एपनिया जैसी स्थिति में सोते समय सांस बार-बार बाधित हो सकती है, जिससे दिन में अत्यधिक नींद, थकान और जम्हाई की शिकायत हो सकती है।
थकान और तनाव भी एक वजह
शारीरिक या मानसिक थकान होने पर भी बार-बार जम्हाई आ सकती है। लगातार काम, तनाव और अनियमित दिनचर्या व्यक्ति को सुस्त महसूस करा सकती है। कुछ लोगों में चिंता या तनाव के दौरान भी जम्हाई बढ़ सकती है।
दवाओं का असर
कुछ दवाओं के कारण उनींदापन और जम्हाई बढ़ सकती है। खासकर कुछ एंटीडिप्रेसेंट, एंटीहिस्टामिन और दर्द या नींद से संबंधित दवाओं के इस्तेमाल में ऐसा देखा जा सकता है। अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद अचानक ज्यादा जम्हाई आने लगे तो डॉक्टर से इस बारे में चर्चा करनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
दिमाग से जुड़ी कुछ स्थितियां
बहुत ज्यादा और असामान्य जम्हाई दुर्लभ मामलों में न्यूरोलॉजिकल स्थितियों से भी जुड़ी हो सकती है। मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली कुछ बीमारियों या तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याओं में जम्हाई का पैटर्न बदल सकता है। हालांकि केवल जम्हाई के आधार पर किसी गंभीर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
दिल से जुड़ी समस्या में भी हो सकती है जम्हाई?
कुछ दुर्लभ परिस्थितियों में अत्यधिक जम्हाई को हृदय या शरीर के स्वायत्त तंत्रिका तंत्र में होने वाले बदलावों के साथ देखा गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि बार-बार जम्हाई आना अपने आप में दिल की बीमारी का संकेत है। लेकिन यदि जम्हाई के साथ सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, चक्कर, बेहोशी या अत्यधिक पसीना जैसे लक्षण हों तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर पर्याप्त नींद के बावजूद कई दिनों या हफ्तों तक असामान्य रूप से ज्यादा जम्हाई आती रहे, दिन में अत्यधिक नींद आए या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। तेज सिरदर्द, बोलने में परेशानी, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन जैसे अचानक न्यूरोलॉजिकल लक्षण हों तो आपात चिकित्सा सहायता लें।
अधिकतर मामलों में बार-बार जम्हाई का कारण साधारण थकान या खराब नींद हो सकती है। नियमित नींद, पर्याप्त पानी, शारीरिक गतिविधि और संतुलित दिनचर्या मददगार हो सकती है। लगातार लक्षण होने पर कारण का सही पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।