लाइफ स्टाइल : त्योहारों का मौसम आते ही देशभर में खरीदारी का उत्साह चरम पर पहुंच जाता है। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने के साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग का कारोबार भी तेजी पकड़ने लगता है। इस बार भी फेस्टिव ऑफर्स, आकर्षक छूट और विशेष डील्स ने लोगों को ऑनलाइन खरीदारी की ओर आकर्षित किया है। मोबाइल फोन से लेकर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपकरण और सजावट की वस्तुओं तक की खरीदारी घर बैठे की जा रही है। इसका सीधा असर सामान की डिलीवरी करने वाले गिग वर्कर्स पर दिखाई दे रहा है। शहरों की सड़कों पर बड़े-बड़े बैग लेकर दौड़ते डिलीवरी पार्टनर इस त्योहारी खरीदारी को ग्राहकों के दरवाजे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
त्योहारों में बढ़ी ऑनलाइन खरीदारी की रफ्तार
देश में डिजिटल तकनीक के विस्तार और इंटरनेट की आसान उपलब्धता ने खरीदारी के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां लोग त्योहारों के अवसर पर बाजारों और शॉपिंग मॉल में जाकर सामान खरीदते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में ग्राहक अपने स्मार्टफोन से ही जरूरत की चीजें ऑर्डर कर रहे हैं।
ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से त्योहारी सीजन में आकर्षक छूट, कैशबैक, बैंक ऑफर्स और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। ऐसे में ग्राहकों के लिए खरीदारी और भी सुविधाजनक हो जाती है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई तरह के उत्पाद उपलब्ध होने के कारण लोग अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही जगह कीमतों की तुलना कर सामान खरीदना पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि त्योहारी दिनों में डिलीवरी सेवाओं की मांग बढ़ जाती है।
सड़कों पर बढ़ी डिलीवरी पार्टनर्स की भागदौड़
ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ ही गिग वर्कर्स की व्यस्तता भी बढ़ गई है। सुबह से लेकर देर रात तक दोपहिया वाहनों पर बड़े बैग लेकर डिलीवरी पार्टनर एक स्थान से दूसरे स्थान तक सामान पहुंचाते नजर आते हैं।
त्योहारों के दौरान ग्राहकों की सबसे बड़ी उम्मीद होती है कि उनका ऑर्डर समय पर घर पहुंच जाए। इस उम्मीद को पूरा करने के लिए डिलीवरी पार्टनर्स को लगातार मेहनत करनी पड़ती है।
विशेष रूप से कपड़ों, उपहारों, मिठाइयों, सजावट के सामान और घरेलू उत्पादों की डिलीवरी को लेकर व्यस्तता बढ़ जाती है। कई ग्राहकों के लिए त्योहार से पहले सामान मिलना बेहद जरूरी होता है, इसलिए समय पर डिलीवरी का दबाव भी बढ़ जाता है।
गिग वर्कर्स के लिए अतिरिक्त कमाई का अवसर
त्योहारी सीजन गिग वर्कर्स के लिए अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी लेकर आता है। कई डिलीवरी प्लेटफॉर्म अधिक ऑर्डर की स्थिति में निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रोत्साहन राशि और अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था करते हैं।
इससे डिलीवरी से जुड़े कर्मचारियों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कमाई करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, यह कमाई कंपनी की भुगतान नीति, ऑर्डर की संख्या, कार्यक्षेत्र और काम करने के घंटों पर निर्भर करती है।
गिग वर्कर्स को वाहन के ईंधन, रखरखाव और मोबाइल इंटरनेट जैसे खर्च भी स्वयं उठाने पड़ सकते हैं। ऐसे में अतिरिक्त ऑर्डर मिलने के बावजूद वास्तविक बचत हर कर्मचारी के लिए अलग हो सकती है।
फेस्टिव सीजन में ढाई लाख तक रोजगार की उम्मीद
रोजगार क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्ट में भी त्योहारी सीजन के दौरान गिग और अस्थायी कर्मचारियों की मांग बढ़ने का अनुमान जताया गया है। एनएलबी सर्विसेज की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच देश में लगभग दो लाख से ढाई लाख मौसमी और गिग रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी नियुक्तियों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना है। ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और रिटेल क्षेत्र में कर्मचारियों की मांग प्रमुख रूप से सामने आ रही है।
छोटे शहरों में भी बढ़ रहे रोजगार के अवसर
ऑनलाइन शॉपिंग का विस्तार अब केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों में भी डिजिटल खरीदारी तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
त्योहारी नियुक्तियों से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, कुल मौसमी कर्मचारियों की मांग में लगभग 45 प्रतिशत योगदान दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से आने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने शहर में ही काम करने के नए अवसर मिल सकते हैं।
डिलीवरी सेवाओं के अलावा गोदामों, पैकेजिंग केंद्रों, ग्राहक सेवा और सामान की छंटाई जैसे कार्यों में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
कमाई के साथ बढ़ रही चुनौतियां
त्योहारों के दौरान डिलीवरी पार्टनर्स के सामने कई चुनौतियां भी होती हैं। ट्रैफिक जाम, खराब मौसम, लंबी दूरी और समय पर सामान पहुंचाने का दबाव उनके काम को कठिन बना देता है।
कर्मचारी संगठनों ने भी बताया है कि अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि अक्सर निर्धारित लक्ष्य और काम के घंटों पर निर्भर होती है। इसलिए ज्यादा ऑर्डर मिलने का मतलब हमेशा ज्यादा शुद्ध कमाई होना नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिलीवरी कर्मियों के लिए उचित भुगतान, दुर्घटना बीमा, सामाजिक सुरक्षा और पर्याप्त आराम जैसी सुविधाओं पर ध्यान देना जरूरी है।
डिजिटल खरीदारी की सफलता में गिग वर्कर्स की अहम भूमिका
त्योहारी सीजन में जब कोई परिवार ऑनलाइन उपहार, कपड़े या घरेलू सामान मंगाता है, तो उसे समय पर पहुंचाने के पीछे डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत होती है।
ऑनलाइन शॉपिंग ने ग्राहकों की जिंदगी आसान बनाई है, वहीं लाखों युवाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते भी खोले हैं। हालांकि, इस क्षेत्र का स्थायी विकास तभी संभव होगा, जब बढ़ते कारोबार के साथ कर्मचारियों की आय और सुरक्षा पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाएगा।
Tags: