राजस्थान के लोकगीत से बना बॉलीवुड का सुपरहिट रोमांटिक गाना
बॉलीवुड का ये मशहूर रोमांटिक गीत
एंटरटेनमेंट: राजस्थान की लोक संस्कृति और संगीत ने बॉलीवुड को कई यादगार गाने दिए हैं। इन्हीं में एक है फिल्म ‘पद्मावत’ का सुपरहिट गाना ‘घूमर’। राजस्थानी लोकसंगीत और पारंपरिक घूमर शैली से प्रेरित यह गाना रिलीज के बाद जबरदस्त लोकप्रिय हुआ। दीपिका पादुकोण पर फिल्माए गए इस गीत को श्रेया घोषाल और स्वरूप खान ने अपनी आवाज दी थी, जबकि इसका संगीत संजय लीला भंसाली ने तैयार किया था।
राजस्थान में घूमर केवल एक गाना नहीं बल्कि वहां की समृद्ध लोक परंपरा का हिस्सा है। घूमर गीत विशेष अवसरों, त्योहारों और सामाजिक समारोहों में महिलाओं द्वारा घूमर नृत्य के साथ गाया जाता है। गणगौर, तीज और विवाह जैसे अवसरों पर भी घूमर की परंपरा देखने को मिलती है।
‘पद्मावत’ ने दिया भव्य फिल्मी रूप
संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ में पारंपरिक राजस्थानी घूमर को भव्य फिल्मी अंदाज में पेश किया गया। गीत के बोलों और संगीत में राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक दिखाई देती है। रिपोर्ट के मुताबिक गीत के बोलों में पारंपरिक राजस्थानी शैली का इस्तेमाल किया गया और इसमें स्वरूप खान तथा ए.एम. तुराज का योगदान रहा।
इस गाने में दीपिका पादुकोण राजसी वेशभूषा में घूमर करती नजर आई थीं। उनके डांस, पोशाक और भव्य सेट ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। गाने की तैयारी के लिए दीपिका ने घूमर नृत्य सीखा था।
30 किलो का लहंगा पहन किया डांस
इस गाने की शूटिंग भी आसान नहीं थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपिका पादुकोण ने करीब 30 किलो वजन का लहंगा पहनकर डांस किया और गाने के दौरान 66 चक्कर लगाए। भारी पोशाक और ज्वेलरी के बावजूद उनकी प्रस्तुति इस गीत के सबसे यादगार हिस्सों में शामिल हो गई।
गाने की कोरियोग्राफी कृति महेश ने की थी। दीपिका ने शूटिंग से पहले घूमर की बारीकियों को समझने के लिए प्रशिक्षण लिया। पारंपरिक घूमर में महिलाएं गोल घेरे में घूमते हुए नृत्य करती हैं और रंग-बिरंगे घाघरों का घेरा इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है।
राजस्थान की संस्कृति से गहरा नाता
घूमर राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा है। पारंपरिक रूप से इसमें महिलाएं समूह में गोल घेरा बनाकर नृत्य करती हैं। राजस्थानी लोकगीतों की सूची में भी घूमर का महत्वपूर्ण स्थान है और इसे त्योहारों तथा मांगलिक अवसरों से जोड़ा जाता है।
बॉलीवुड ने इसी लोक परंपरा को आधुनिक संगीत, बड़े सेट और सिनेमाई प्रस्तुति के साथ देश-दुनिया के दर्शकों तक पहुंचाया। ‘पद्मावत’ का ‘घूमर’ इसी वजह से महज एक फिल्मी गाना नहीं रहा, बल्कि राजस्थान की लोक संस्कृति को बड़े पर्दे पर पेश करने वाले चर्चित गीतों में शामिल हो गया।
आज भी लोकप्रिय है ‘घूमर’
साल 2018 में रिलीज हुई ‘पद्मावत’ के कई साल बाद भी ‘घूमर’ की लोकप्रियता बरकरार है। शादी-विवाह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इस तरह के राजस्थानी गीतों पर प्रस्तुतियां देखने को मिलती हैं। पारंपरिक लोकधुन और बॉलीवुड की भव्यता के मेल ने इस गीत को अलग पहचान दी।