Life Style : शाम होते-होते कुछ चटपटा खाने का मन लगभग हर किसी का करता है। ऐसे में अक्सर लोग समोसा, कचौड़ी, पकौड़े या फ्राइड स्नैक्स की तरफ बढ़ जाते हैं। स्वाद के लिहाज से ये चीजें पसंद जरूर आती हैं, लेकिन बार-बार ज्यादा तेल वाला खाना सेहत के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जाता। अगर आप शाम की भूख मिटाने के लिए कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट भी हो और अपेक्षाकृत पौष्टिक भी, तो हरा मूंग कटलेट एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
हरा मूंग यानी साबुत मूंग प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत माना जाता है। इसे सही तरीके से पकाकर और कम तेल में कटलेट के रूप में तैयार किया जाए तो यह स्नैक बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आ सकता है। खास बात यह है कि इसे आप चाय के साथ, बच्चों के टिफिन में या हल्की शाम की पार्टी में भी परोस सकते हैं।
क्यों खास है हरा मूंग कटलेट?
हरा मूंग कटलेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बेस के रूप में साबुत मूंग का इस्तेमाल होता है। आम कटलेट में जहां आलू की मात्रा ज्यादा होती है, वहीं इसमें मूंग को मुख्य सामग्री बनाया जा सकता है।मूंग में मौजूद प्रोटीन और फाइबर पेट को कुछ समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि इसे शाम के स्नैक के तौर पर इस्तेमाल करना तली-भुनी चीजों की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है।अगर कटलेट को डीप फ्राई करने के बजाय तवे, पैन या एयर फ्रायर में कम तेल के साथ पकाया जाए, तो इसकी कैलोरी भी अपेक्षाकृत कम रखी जा सकती है।
बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
हरा मूंग कटलेट बनाने के लिए बहुत मुश्किल सामग्री की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर चीजें घर की रसोई में आसानी से मिल जाती हैं।मुख्य सामग्री में एक कप हरा मूंग, एक या दो उबले आलू, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, अदरक, धनिया पत्ती, नींबू का रस, नमक और पसंद के मसाले लिए जा सकते हैं।इसके अलावा स्वाद बढ़ाने के लिए भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, लाल मिर्च, गरम मसाला और थोड़ा धनिया पाउडर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।कटलेट को ज्यादा क्रिस्पी बनाने के लिए ब्रेड क्रम्ब्स, सूजी या ओट्स पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सबसे पहले मूंग तैयार करें
हरे मूंग को अच्छी तरह धोकर कम से कम 6 से 8 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें।अच्छी तरह भीगने के बाद इसे पानी से निकालकर हल्का उबाल लें। ध्यान रखें कि मूंग पूरी तरह गलकर पेस्ट जैसी न हो जाए। इसे इतना ही पकाएं कि दाने नरम हो जाएं लेकिन उनमें थोड़ा टेक्सचर बना रहे।उबली मूंग से अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकालना बहुत जरूरी है। अगर इसमें पानी ज्यादा रहेगा तो कटलेट का मिश्रण ढीला हो जाएगा और उसे आकार देना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे तैयार करें कटलेट का मिश्रण
उबली हुई मूंग को हल्के हाथ से मैश करें। इसमें उबला हुआ आलू डालकर अच्छी तरह मिला लें।अब बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, नमक, लाल मिर्च, चाट मसाला और भुना जीरा पाउडर डालें।हल्का खट्टापन पसंद हो तो नींबू का रस भी मिला सकते हैं।मिश्रण बहुत नरम लगे तो उसमें एक से दो चम्मच ब्रेड क्रम्ब्स, सूजी या ओट्स का पाउडर मिलाएं। इससे मिश्रण बंधने लगेगा और पकाते समय कटलेट टूटेंगे नहीं।सभी सामग्री अच्छी तरह मिलाने के बाद मिश्रण को करीब 10 मिनट के लिए रख दें।
कटलेट को दें मनपसंद आकार
अब हाथ पर थोड़ा तेल लगाकर मिश्रण का छोटा हिस्सा लें और उसे गोल या ओवल आकार दें।आप चाहें तो छोटे टिक्की जैसे कटलेट बना सकते हैं। बच्चों के लिए दिल, स्टार या दूसरे आकार भी तैयार किए जा सकते हैं।अगर ज्यादा क्रिस्पी बाहरी परत चाहिए तो कटलेट को सूजी या ब्रेड क्रम्ब्स में हल्का रोल कर सकते हैं।
कम तेल में ऐसे करें क्रिस्पी
पैन या तवा गर्म करें और उस पर बहुत कम तेल लगाएं। तैयार कटलेट रखें और मध्यम आंच पर पकाएं।एक तरफ सुनहरा और क्रिस्पी होने के बाद उसे पलट दें। दूसरी तरफ भी हल्का तेल लगाकर अच्छी तरह सेकें।बहुत तेज आंच पर पकाने से बाहर की परत जल्दी जल सकती है और अंदर का हिस्सा ठीक से गर्म नहीं होगा। इसलिए मध्यम आंच बेहतर रहती है।अगर आपके पास एयर फ्रायर है तो कटलेट पर हल्का तेल ब्रश करके उसमें भी पकाया जा सकता है।
समोसा-कचौड़ी का बन सकता है विकल्प
शाम की चाय के साथ समोसा और कचौड़ी स्वादिष्ट जरूर लगते हैं, लेकिन इन्हें आमतौर पर डीप फ्राई किया जाता है। इसलिए इनमें तेल की मात्रा ज्यादा हो सकती है।इसके मुकाबले हरा मूंग कटलेट को कम तेल में बनाया जा सकता है। साथ ही इसमें दाल आधारित प्रोटीन और फाइबर भी मिलता है।हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि इसे बिना मात्रा का ध्यान रखे खाया जाए। किसी भी स्नैक को संतुलित मात्रा में खाना ही बेहतर माना जाता है।
बच्चों के लिए भी बना सकते हैं मजेदार
कई बच्चे साबुत मूंग या दाल खाने से बचते हैं। ऐसे में यही पौष्टिक सामग्री कटलेट के रूप में दी जाए तो उन्हें ज्यादा पसंद आ सकती है।बच्चों के लिए बनाते समय हरी मिर्च और तेज मसालों की मात्रा कम रखें। आप इसमें कद्दूकस की हुई गाजर, शिमला मिर्च या दूसरी सब्जियां भी मिला सकते हैं।इसके साथ घर की बनी दही डिप, टमाटर की चटनी या हरी चटनी दी जा सकती है।
और हेल्दी बनाना है तो ये बदलाव करें
कटलेट में आलू की मात्रा कम करके मूंग और सब्जियों की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।ब्रेड क्रम्ब्स की जगह ओट्स पाउडर इस्तेमाल किया जा सकता है। डीप फ्राई करने के बजाय तवे या एयर फ्रायर में पकाएं।चीज या ज्यादा नमक डालने से बचें। साथ ही बाजार की मीठी सॉस की जगह घर की धनिया-पुदीना चटनी ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकती है।
सर्व करने का सही तरीका
गरमागरम हरा मूंग कटलेट को हरी चटनी, दही-पुदीना डिप या टमाटर की चटनी के साथ परोसें।ऊपर से थोड़ा चाट मसाला और नींबू का रस डालने पर इसका स्वाद और बढ़ सकता है।चाय या कॉफी के साथ दो से तीन छोटे कटलेट शाम की हल्की भूख के लिए पर्याप्त हो सकते हैं।
ध्यान रखें ये बातें
मूंग को जरूरत से ज्यादा न उबालें, वरना मिश्रण बहुत गीला हो सकता है। कटलेट टूट रहे हों तो थोड़ा सूजी, ओट्स पाउडर या ब्रेड क्रम्ब्स मिला दें।पैन में बहुत ज्यादा तेल डालने की जरूरत नहीं है। धीमी या मध्यम आंच पर दोनों तरफ अच्छी तरह सेंकने से भी अच्छी क्रिस्पी परत तैयार हो सकती है।अगर कटलेट पहले से तैयार करके रखना चाहते हैं तो बिना पकाए इन्हें कुछ समय के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर ताजा सेंका जा सकता है।
कुल मिलाकर हरा मूंग कटलेट शाम की भूख के लिए एक स्वादिष्ट और आसान स्नैक है। इसमें मूंग का पोषण, मसालों का स्वाद और कम तेल में पकाने की सुविधा तीनों मिल जाते हैं। अगर आप बार-बार समोसा-कचौड़ी खाने से बचना चाहते हैं तो यह रेसिपी आपके स्नैक मेन्यू में अच्छी जगह बना सकती है।