निजी फोटो और वीडियो वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

Update: 2026-07-21 18:30 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। जिले की तोरवा पुलिस ने महिला के निजी फोटो और वीडियो का कथित रूप से दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने महिला के व्हाट्सएप खाते से छेड़छाड़ कर उसके निजी वीडियो और एडिट की गई तस्वीरें उसके ही स्टेटस पर अपलोड कर दीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की शिकायत 20 जुलाई 2026 को पीड़िता ने थाना तोरवा में दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला ने बताया कि उसका पूर्व परिचित प्रशांत राज उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम खैरा, थाना रतनपुर के पास उसके कुछ निजी फोटो और वीडियो मौजूद थे। आरोप है कि बाद में आरोपी ने इन्हीं निजी सामग्री का गलत इस्तेमाल करते हुए महिला को बदनाम करने का प्रयास किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने कथित रूप से उसके व्हाट्सएप खाते के साथ छेड़छाड़ की और उसके निजी वीडियो तथा एडिट किए गए फोटो को उसके ही व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर दिया। इसके कारण महिला की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जब पीड़िता ने आरोपी की इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तोरवा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और अपराध क्रमांक 395/2026 दर्ज कर जांच प्रारंभ की।  पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में थाना तोरवा की टीम ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों कीच शुरू की और आरोपी की गतिविधियों की जानकारी एकत्र की। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन ग्राम खैरा थाना रतनपुर में मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रशांत राज को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77 और 351(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(E) और 67(A) के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस ने आरोपी को 21 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच अभी जारी है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इस तरह की गतिविधि में किसी अन्य माध्यम या व्यक्ति की मदद ली थी या नहीं।
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसी व्यक्ति की निजी जानकारी, फोटो या वीडियो का गलत इस्तेमाल करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस तकनीकी माध्यमों से जांच कर आरोपियों तक पहुंच रही है। बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करें  और किसी भी तरह की साइबर अपराध संबंधी घटना होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा और साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।इस मामले में तोरवा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आगे की जांच में जुटी हुई है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है।
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