वॉशिंगटन डी.सी.: अमेरिकी सीनेट ने लोरी चावेज़-डेरेमर को नई श्रम मंत्री (Labor Secretary) के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। लंबे विचार-विमर्श और बहस के बाद हुए इस फैसले को बाइडेन प्रशासन की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
इतिहास रचने वाली नियुक्ति
लोरी चावेज़-डेरेमर इस पद को संभालने वाली पहली लैटिन अमेरिकी मूल की महिला बन गई हैं। इससे पहले वह एक व्यवसायी और राजनीतिक नेता के रूप में सक्रिय रही हैं। उनकी नियुक्ति को अमेरिका के मजदूर वर्ग और श्रमिक अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सीनेट में कैसा रहा वोटिंग पैटर्न?
सीनेट में लोरी की नियुक्ति को लेकर काफी मतभेद थे, लेकिन अंततः उन्हें बहुमत का समर्थन मिला।
डेमोक्रेट्स ने किया पूरा समर्थन
कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी किया समर्थन
रूढ़िवादी गुटों ने श्रम नीतियों को लेकर उठाए सवाल
श्रम मंत्री के रूप में क्या होंगी चुनौतियां?
लोरी चावेज़-डेरेमर के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी:
न्यूनतम वेतन बढ़ाने का मुद्दा
श्रमिक संघों और नियोक्ताओं के बीच संतुलन
बेरोजगारी दर में सुधार
महिलाओं और अल्पसंख्यकों के रोजगार अवसर बढ़ाना
व्हाइट हाउस का बयान
बाइडेन प्रशासन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा,
"लोरी चावेज़-डेरेमर के पास अनुभव और नेतृत्व क्षमता है, जिससे वे अमेरिका के श्रमिक वर्ग की आवाज बनेंगी।"
क्या बोले लोरी चावेज़-डेरेमर?
अपनी नियुक्ति के बाद उन्होंने कहा,
"मैं इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाऊंगी। हमारा लक्ष्य मजदूरों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना है।"
अमेरिकी मजदूर वर्ग के लिए क्या बदलेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से नए श्रम कानूनों, श्रमिक अधिकारों की मजबूती और रोजगार सुधार को लेकर अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।