मुंबई: अभिनेत्री नोरा फतेही की लीगल टीम ने स्पष्ट किया है कि कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मामले में वह आरोपी नहीं हैं, बल्कि उन्हें अदालत ने केवल एक गवाह के तौर पर बुलाया है। यह बयान दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में 2 नवंबर को हुई 'इकोनॉमिक ऑफेंस विंग' (EOW) मामले की सुनवाई के बाद आया है, जहां नोरा को गवाह के तौर पर पेश होने और कार्यवाही में मदद करने के लिए बुलाया गया था।
2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मामले की सुनवाई हुई, जिसमें नोरा को गवाह के तौर पर बुलाया गया था। हालांकि, उनके वकीलों ने अदालत को बताया कि पहले से तय पेशेवर कामों और बहुत कम समय के नोटिस के कारण वह पेश नहीं हो सकतीं। इसके बाद, अदालत में पेशी से छूट के लिए एक अर्जी दाखिल की गई, जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 6 नवंबर तक के लिए टाल दी और उनके पेश होने के लिए नया समन जारी किया।
उनकी लीगल टीम ने यह भी साफ किया कि नोरा इस मामले में न तो आरोपी हैं और न ही उन पर कोई गलत काम करने का आरोप है। उन्हें अदालत की कार्यवाही में मदद करने के लिए केवल एक गवाह के तौर पर बुलाया गया है।
मीडिया को दिए एक बयान में उनकी लीगल टीम ने कहा, "सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े EOW मामले की आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई थी, जहां नोरा फतेही को गवाह के तौर पर बुलाया गया था। उनके वकील अदालत में पेश हुए और बताया कि उन्हें बहुत कम समय के नोटिस पर समन मिला था, और पहले से तय पेशेवर कामों की वजह से वह पेश नहीं हो सकीं।"
बयान में आगे कहा गया, "व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट के लिए एक अर्जी दाखिल की गई, जिसके बाद मामले की सुनवाई 6 नवंबर 2026 तक के लिए टाल दी गई और उनके पेश होने के लिए नया समन जारी किया गया। यह स्पष्ट किया जाता है कि नोरा फतेही इस मामले में न तो आरोपी हैं और न ही उन पर कोई अपराध करने का आरोप है। उन्हें अदालत की मदद करने के लिए केवल एक गवाह के तौर पर बुलाया गया है।" जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि यह मामला इस आरोप से जुड़ा है कि सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहते हुए लगभग 200 करोड़ रुपये की रंगदारी का रैकेट चलाया था। आरोप है कि उसने धोखाधड़ी करने के लिए खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताया था।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले की जांच की और बाद में 'महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट' (MCOCA) के तहत चार्जशीट दाखिल की।
इससे पहले, EOW ने चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस के साथ कथित संबंधों को लेकर नोरा से पूछताछ की थी। CrPC की धारा 164 के तहत एक मजिस्ट्रेट के सामने उनका बयान भी दर्ज किया गया था। बाद में, उन्हें सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर शामिल किया गया।