Prithviraj Sukumaran : मेरा सरनेम ही मेरी पहली फिल्म की चाबी, किसने कहां जानें
मुंबई | साउथ फिल्म इंडस्ट्री के टैलेंटेड अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन ने हाल ही में नेपोटिज्म (परिवारवाद) को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि इंडस्ट्री में एंट्री करने में उनके सरनेम ने बड़ी भूमिका निभाई। पृथ्वीराज ने कहा, "मैं झूठ नहीं बोलूंगा, अगर मेरे पिता (सुखुमारन) फिल्म इंडस्ट्री में नहीं होते, तो शायद मुझे पहली फिल्म इतनी आसानी से नहीं मिलती।"
नेपोटिज्म पर ईमानदार कबूलनामा
पृथ्वीराज ने कहा, "मुझे अपनी पहली फिल्म सिर्फ इसलिए मिली क्योंकि मैं एक फिल्मी परिवार से आता था। मैं उस समय एक्टिंग के बारे में ज्यादा नहीं जानता था, लेकिन लोगों ने मुझे एक मौके के लायक समझा।" हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पहली फिल्म के बाद खुद को साबित करना पूरी तरह उनकी मेहनत और टैलेंट पर निर्भर था।
इंडस्ट्री में बने रहना टैलेंट पर निर्भर
अपनी सफलता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ परिवार के नाम पर कोई लंबे समय तक इंडस्ट्री में टिक नहीं सकता। उन्होंने कहा, "अगर आपमें टैलेंट नहीं है, तो चाहे आप किसी भी बैकग्राउंड से आते हों, दर्शक आपको नकार देंगे।"
फैंस के रिएक्शन
पृथ्वीराज के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के मिले-जुले रिएक्शन आ रहे हैं। कुछ लोग उनकी ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ उन्हें इंडस्ट्री में नेपोटिज्म का एक और उदाहरण मान रहे हैं।
आगे की फिल्में
वर्कफ्रंट की बात करें तो पृथ्वीराज जल्द ही बड़े बजट की मलयालम और पैन इंडिया फिल्मों में नजर आएंगे। वे सलार 2 और अद्वैतम जैसी फिल्मों में भी काम कर रहे हैं।