मुंबई: कंटेंट क्रिएटर नज़मा शेख़ ने एक्टर मुश्ताक खान के अंतिम संस्कार के दौरान एक्टर राजपाल यादव को कथित तौर पर भगाए जाने की घटना पर सफाई दी है। उन्होंने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर कैमरा के सामने बात करते हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की और उन वायरल वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई बताई, जिनमें दावा किया गया था कि राजपाल यादव को वहां से भगा दिया गया था।
उन्होंने कहा, "मेरा नाम नज़मा शेख़ है और आज मैं मिस्टर मुश्ताक खान की प्रेयर मीट (प्रार्थना सभा) के बारे में बात करने जा रही हूं। लोगों ने इतनी गलतफहमियां फैला दी हैं कि उनकी कोई सीमा नहीं है। अब मैं आपको सच बताती हूं। असलियत यह है कि राजपाल यादव, मुश्ताक खान के बहुत करीबी थे। वह उनके छोटे भाई जैसे थे। मुश्ताक खान की मौत से दो घंटे पहले राजपाल यादव उनके साथ थे। जिस दिन मुश्ताक खान को कब्रिस्तान ले जाया जा रहा था, उस दिन राजपाल यादव वहां मौजूद थे। उनकी प्रेयर मीट वाले दिन भी राजपाल यादव वहां मौजूद थे।"
उन्होंने आगे कहा, "वहां कुछ ऐसे लोग भी थे जो सिर्फ तस्वीरें खींचने आए थे, जबकि वह जगह तस्वीरें खींचने की नहीं थी। वह जगह किसी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की थी।"
"लोग लगातार मुकेश ऋषि, उपासना सिंह और राजपाल यादव जैसे एक्टर्स के साथ तस्वीरें खींच रहे थे। वह कोई सेल्फी पॉइंट नहीं था, वह एक प्रेयर मीट थी। मेरा गुस्सा उन लोगों पर था जो बिना यह समझे कि वहां कैसा माहौल है, सिर्फ तस्वीरें खींचने आए थे। मैंने ऐसे लोगों पर गुस्सा जाहिर किया था, न कि राजपाल यादव पर। मैं मीडिया में मौजूद अपने दोस्तों से गुजारिश करती हूं कि वे गुमराह करने वाली खबरें न चलाएं और कृपया पूरा सच बताएं।"
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