मनीषा कोइराला ने ब्रेन मैपिंग से की खुद को समझने की कोशिश, शेयर किया थेरेपी का अनुभव
मुंबई: मशहूर अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने अपने ब्रेन मैपिंग अनुभव के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने इस प्रक्रिया को खुद के अंदर झांकने, समझने, मानसिक रूप से स्वस्थ होने और आगे बढ़ने में मददगार बताया। ब्रेन मैपिंग एक न्यूरो-साइंस तकनीक है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधियों को मापा और समझा जाता है।
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने हाल ही में न्यूरोलीप ब्रेन फंक्शन असेसमेंट करवाया है। इस प्रक्रिया से उन्हें पता चला कि उनके दिमाग के अंदर क्या चल रहा है, वे कैसे सोचती हैं, क्या भावनात्मक प्रतिक्रियाएं हैं, और उनके दिमाग का व्यवहार कैसे काम करता है। इन सभी जानकारियों से उन्हें खुद को समझने और अपनी मानसिक सेहत को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
मनीषा कोइराला ने ब्रेन मैपिंग प्रक्रिया की अपनी फोटो और वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "मैंने ब्रेन मैपिंग करवाई और वाह! क्या सफर रहा! मैंने न्यूरोलीप ब्रेन फंक्शन असेसमेंट करवाया, जिसमें कोई भी निजी सवाल पूछे बिना ही मुझे अपने दिमाग के पैटर्न्स के बारे में अधिक जानकारी मिली। यह प्रक्रिया 30 मिनट की थी, जिसमें कुछ सेंसर मेरे सिर पर लगाए गए थे, जो दिमाग की तरंगों को पढ़ रहे थे। इसमें न तो कोई सवाल पूछा गया, न ही कोई असहजता हुई, सब कुछ आरामदायक और सुरक्षित था।"
उन्होंने कैप्शन में आगे लिखा, "यह अनुभव मेरे लिए खुद के अंदर झांकने, मानसिक रूप से आगे बढ़ने और अंदरूनी बदलाव का छोटा सा सफर रहा है। लोगों को अपने भीतर को और गहराई से जानने के लिए यह प्रक्रिया जरूर आजमानी चाहिए। मैंने एक रेड और नियर-इन्फ्रारेड लाइट थेरेपी डिवाइस लिया है, जिसे मैं हर दिन जिम के बाद 15 मिनट इस्तेमाल करती हूं। यह डिवाइस मेरी एनर्जी को रिचार्ज करता है, रिकवरी को तेज करता है, साथ ही मुझे शांत रखने और बेहतर नींद में मदद करता है।"