Mumbai | मुंबई : आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर स्टारर फिल्म ‘अल्फा’ हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म की रिलीज के बाद इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है, वहीं आलिया भट्ट और उनके काम को लेकर उनके पिता और फिल्ममेकर महेश भट्ट का बयान सामने आया है।
महेश भट्ट ने एक इंटरव्यू में फिल्म, स्टारडम और ट्रोलिंग को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया में सफलता के साथ-साथ आलोचना और नकारात्मकता भी आती है। उनके अनुसार, यह स्टारडम का हिस्सा है और इससे बचा नहीं जा सकता।
उन्होंने साफ कहा कि वह अपनी बेटी आलिया भट्ट को ट्रोलिंग या आलोचनाओं से बचाने की कोशिश नहीं करते। महेश भट्ट का मानना है कि हर इंसान को अपने अनुभवों से सीखना चाहिए और जीवन ही सबसे बड़ा शिक्षक होता है। उन्होंने कहा कि ज्यादा सुरक्षा या प्रोटेक्शन बच्चों को कमजोर बना सकता है और इससे वे असल जिंदगी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार नहीं हो पाते।
महेश भट्ट ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं अपने बच्चों को कभी सलाह नहीं देता। वे मुझसे ज्यादा समझदार हैं। वे आज के दौर को बेहतर तरीके से समझते हैं और अपने अनुभवों से सीखेंगे। जिंदगी ही सबसे बड़ी शिक्षक है।” उनके इस बयान से यह साफ होता है कि वह अपने बच्चों को स्वतंत्र सोच और अनुभव के आधार पर आगे बढ़ने देना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अगर बच्चों को हमेशा मुश्किलों से बचाया जाएगा तो वे रियल वर्ल्ड की चुनौतियों को समझ नहीं पाएंगे। महेश भट्ट के अनुसार, जीवन में हर अनुभव जरूरी होता है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा, क्योंकि वही इंसान को मजबूत बनाता है।
अपने विचार को समझाते हुए उन्होंने एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, “शोहरत की एक कीमत होती है। अगर आप धूप में खड़े होंगे तो धूप आपको झुलसाएगी भी। यही प्रसिद्धि का स्वाभाविक परिणाम है।” इस बयान के जरिए उन्होंने यह समझाने की कोशिश की कि लोकप्रियता के साथ आने वाली आलोचना भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।