'हुंकार' में कितना दम? अनीत पद्दा की नई सीरीज का पूरा रिव्यू
अनीत पद्दा की 'हुंकार' ने कितना किया कमाल?
‘सैयारा’ के बाद अनीत पद्दा की वापसी का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए ‘Hunkkaar: The Roar’ JioHotstar पर रिलीज हो गई है। छह एपिसोड की यह सीरीज एक क्राइम थ्रिलर और कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें आस्था, सत्ता, यौन हिंसा के आरोप और न्याय की लड़ाई को केंद्र में रखा गया है। सीरीज में अनीत के साथ फातिमा सना शेख, रघुबीर यादव, मोहम्मद जीशान अय्यूब, अर्जुन माथुर और राम कपूर जैसे कलाकार हैं।
कहानी 17 साल की मीनू रावत यानी अनीत पद्दा से शुरू होती है। मीनू प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु सुनील ‘बापजी’ चकोसी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाती है। बापजी के हजारों समर्थक हैं और समाज में उसका जबरदस्त प्रभाव है। मीनू की शिकायत के बाद मामला पुलिस, अदालत और मीडिया तक पहुंचता है। ACP जसलीन सिंह सोइन के किरदार में फातिमा सना शेख मामले की जांच करती दिखाई देती हैं।
अनीत पद्दा ने फिर खींचा ध्यान
‘सैयारा’ के बाद अनीत पद्दा को यहां बिल्कुल अलग तरह का किरदार मिला है। मीनू के रूप में उन्हें डर, गुस्सा, असमंजस और मजबूती जैसे कई भाव दिखाने का मौका मिलता है। खासतौर पर कोर्टरूम वाले हिस्सों में उनका अभिनय प्रभाव छोड़ता है। कई समीक्षाओं में अनीत और फातिमा के प्रदर्शन को सीरीज की सबसे मजबूत चीजों में गिना गया है।
फातिमा सना शेख भी पुलिस अधिकारी के किरदार में संयमित नजर आती हैं। उनका किरदार किसी फिल्मी सुपरकॉप की तरह नहीं बनाया गया है। वहीं रघुबीर यादव ‘बापजी’ के रूप में अपने परिचित किरदारों से बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं। मोहम्मद जीशान अय्यूब वकील की भूमिका में कोर्टरूम दृश्यों को मजबूती देते हैं।
कहानी मजबूत, लेकिन रफ्तार में परेशानी
‘हुंकार’ का सबसे मजबूत पक्ष इसका विषय है। एक ताकतवर धार्मिक शख्सियत के खिलाफ आरोप लगने के बाद पीड़िता को किन सामाजिक, कानूनी और संस्थागत दबावों का सामना करना पड़ता है, सीरीज इसे कई स्तरों पर दिखाने की कोशिश करती है। शुरुआती एपिसोड तनाव पैदा करते हैं और पुलिस जांच से कोर्टरूम तक पहुंचते-पहुंचते कहानी का दायरा बढ़ता जाता है।
यहीं इसकी कमजोरी भी सामने आती है। सीरीज एक साथ पुलिस, मीडिया, प्रशासन, अदालत, परिवार और बापजी के समर्थकों की कई कहानियां समेटने की कोशिश करती है। इससे कुछ हिस्से बिखरे हुए लगते हैं। कुछ सहायक किरदारों को पर्याप्त विस्तार नहीं मिलता और कई जगह कहानी की गति धीमी पड़ती है। अलग-अलग समीक्षकों ने भी असमान पटकथा और जरूरत से ज्यादा कहानी के ट्रैक को इसकी कमजोरी बताया है।
कैसी है ‘Hunkkaar’?
‘Hunkkaar: The Roar’ पूरी तरह अनीत पद्दा की सीरीज नहीं है, बल्कि यह मजबूत कलाकारों वाला एन्सेम्बल ड्रामा है। अनीत, फातिमा, रघुबीर यादव और जीशान अय्यूब इसके सबसे प्रभावी हिस्सों में हैं। कहानी का विषय गंभीर और प्रासंगिक है, लेकिन पटकथा उतनी धारदार नहीं रह पाती जितनी इसकी शुरुआत उम्मीद जगाती है। कुल मिलाकर यह परफॉर्मेंस और कोर्टरूम ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों के लिए गंभीर विकल्प है, लेकिन तेज रफ्तार थ्रिलर की उम्मीद रखने वालों को इसकी गति धीमी लग सकती है।