आत्महत्या की कोशिश पर पहली बार बोले गोविंदा बताया क्यों नर्मदा नदी में चले गए थे
मनोरंजन : गोविंदा ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता ने बताया कि करीब 30 साल पहले मां के निधन के बाद वह इस कदर टूट गए थे कि उनकी जिंदगी के प्रति रुचि खत्म हो गई थी। उन्होंने बताया कि वह नर्मदा नदी में काफी अंदर तक चले गए थे और उस वक्त उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि शायद उनकी जिंदगी यहीं खत्म हो जानी चाहिए। हालांकि, अचानक उन्हें अपने बच्चों का ख्याल आया और उन्होंने खुद को संभाल लिया। गोविंदा ने यह खुलासा एक हालिया इंटरव्यू में किया है।
गोविंदा उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी अभिनय क्षमता के साथ-साथ डांस और कॉमेडी से भी दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई। 90 के दशक में उनकी फिल्मों और गानों का जबरदस्त क्रेज रहा। उनकी फिल्मों के कई गाने आज भी लोगों की पसंद बने हुए हैं। पर्दे पर अपनी कॉमिक टाइमिंग और एनर्जी से दर्शकों को हंसाने वाले गोविंदा की निजी जिंदगी में हालांकि कई ऐसे दौर आए, जब उन्हें बेहद मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
हाल ही में गोविंदा ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बात की। इस बातचीत का प्रोमो सामने आया है, जिसमें अभिनेता ने अपने जीवन के उस दर्दनाक दौर का जिक्र किया, जब वह अपनी मां को खोने के बाद पूरी तरह टूट गए थे।
इंटरव्यू के दौरान गोविंदा से उनकी निजी जिंदगी और रिश्तों से जुड़े कई सवाल पूछे गए। इसी दौरान उनसे उनकी जिंदगी के उस दौर के बारे में सवाल किया गया, जब वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। गोविंदा ने बताया कि उनकी मां के निधन के बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी जिंदगी में कुछ भी बाकी नहीं रह गया है।
अभिनेता ने बताया कि उनकी मां के जाने का उन पर गहरा असर पड़ा था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें जिंदगी से मोहभंग जैसा महसूस होने लगा था। वह नर्मदा नदी में उतर गए और पानी के अंदर लगातार आगे बढ़ते चले गए। गोविंदा ने बताया कि उनके मन में उस वक्त यह विचार आया कि शायद थोड़ा आगे जाने पर उनकी मां उन्हें मिल जाएंगी।
गोविंदा के मुताबिक, वह लगातार पानी में आगे बढ़ रहे थे, लेकिन इसी दौरान अचानक उन्हें अपने बच्चों का ख्याल आया। उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने बच्चों के लिए जीना है। यही विचार उन्हें वापस जीवन की ओर ले आया। जब इंटरव्यू में उनसे सीधे पूछा गया कि क्या उस समय उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की थी, तो गोविंदा ने स्वीकार किया कि उस वक्त स्थिति कुछ ऐसी ही बन गई थी।
गोविंदा का यह खुलासा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अभिनेता की सार्वजनिक छवि हमेशा बेहद खुशमिजाज और ऊर्जा से भरपूर रही है। फिल्मों में उन्होंने अक्सर ऐसे किरदार निभाए जो दर्शकों को हंसाते रहे। लेकिन उनके इस खुलासे से यह सामने आया कि पर्दे पर लोगों को हंसाने वाले अभिनेता ने निजी जिंदगी में भी बेहद कठिन मानसिक और भावनात्मक दौर का सामना किया था।
गोविंदा ने अपने करियर में कई सफल फिल्मों में काम किया है। उनकी कॉमेडी, डांसिंग स्टाइल और अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। खास तौर पर 90 के दशक में उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा थी। उनकी जोड़ी कई अभिनेत्रियों के साथ पसंद की गई और उनकी फिल्मों के गाने लंबे समय तक लोगों की जुबान पर रहे।
इंटरव्यू में गोविंदा से उनकी निजी जिंदगी और महिलाओं से जुड़े सवाल भी किए गए। जब उनसे पूछा गया कि उनकी जिंदगी में मौजूद कई ‘देवियों’ में से किसने उनका दिल तोड़ा, तो उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा कभी नहीं हुआ। अभिनेता ने इस सवाल को हल्के अंदाज में लिया, लेकिन मां के निधन से जुड़े सवाल पर उन्होंने अपने जीवन का बेहद भावुक अनुभव साझा किया।
गोविंदा पिछले कुछ समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के साथ रिश्तों को लेकर मीडिया में कई तरह की खबरें सामने आती रही हैं। सुनीता कई मौकों पर गोविंदा की निजी जिंदगी और उनके कथित अफेयर को लेकर बयान दे चुकी हैं। हालांकि, गोविंदा ने इन मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मां के निधन के बाद अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए गोविंदा ने जिस तरह अपने बच्चों को जीवन जीने की वजह बताया, वह उनके इस अनुभव का सबसे भावुक हिस्सा रहा। उनके इस खुलासे ने यह भी दिखाया कि किसी भी व्यक्ति की सार्वजनिक छवि के पीछे उसकी निजी जिंदगी में कई ऐसे संघर्ष हो सकते हैं, जिनके बारे में आम लोगों को जानकारी नहीं होती।
गोविंदा का यह बयान अब चर्चा में है और उनके प्रशंसक अभिनेता के इस भावुक खुलासे पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन के करीब तीन दशक पुराने उस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि किस तरह मां की मौत के बाद वह पूरी तरह टूट गए थे, लेकिन अपने बच्चों का ख्याल आते ही उन्होंने खुद को संभाला और जिंदगी की ओर वापस लौटे।