S.S. Rajamouli पर हनुमान टिप्पणी को लेकर FIR दर्ज, धार्मिक भावनाएँ आहत

Update: 2025-11-18 14:30 GMT
Entertainment,मनोरंजन : दक्षिण‑भारतीय सुपରस्टार निर्देशक एस.एस. राजामौली की हाल ही में दिए गए बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने अपने आने वाली फिल्म “वाराणसी” के ग्लोब‑ट्रोटर इवेंट में कहा कि वे “भगवान में विश्वास नहीं करते” और हनुमान जी की भूमिका को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिससे हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया है।
घटना उस समय घटी, जब वाराणसी फिल्म का टीज़र लॉन्च किया जाना था। कार्यक्रम में तकनीकी गड़बड़ों के चलते स्क्रीन नहीं चली और राजामौली इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा, “मेरे पिता ने कहा था कि हनुमान मेरे पीछे चलते हैं, लेकिन ऐसा होने पर मैं गुस्सा हो गया। ऐसा कैसे मदद करते हैं?”
उन्होंने आगे अपने निजी जीवन का ज़िक्र करते हुए बताया कि उनकी पत्नी हनुमान की बड़ी भक्त हैं और उनसे दोस्त की तरह बात करती हैं। राजामौली ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी की भक्ति पर उन्हें गुस्सा आया क्योंकि वे यह सोचते थे — अगर हनुमान वास्तव में उनकी मदद कर रहे हैं, तो तकनीकी दिक्कतों के वक्त साथ क्यों नहीं देते?
इन बयानों के बाद राष्ट्र वाना सेना नामक एक संगठन ने सरूरनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप है कि राजामौली की टिप्पणियाँ हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ तीखी रहीं। कई लोगों ने कहा कि यह बयान “अस्वीकार्य” है, क्योंकि राजामौली अपनी फिल्मों में हिंदू पुराणों की कहानियों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे बाहुबली और RRR।
कुछ आलोचकों ने यह भी कहा कि राजामौली ने अपनी टीम के तकनीकी कंपेंनियों को दोष देने के बजाय ईश्वर को ही जिम्मेदार ठहरा दिया।
हालाँकि, राजामौली ने गुस्से में कही गई बातों के बावजूद, कार्यक्रम में माफ़ी भी मांगी। उन्होंने दर्शकों से कहा कि वे
भावनात्मक दबाव
में थे और उनकी बातों को गलत अर्थ न दें।
इस मुद्दे ने एक बड़ा सार्वजनिक बहस छेड़ दी है — जहां एक ओर व्यक्तिगत विश्वास और आत्मा की आज़ादी की बात हो रही है, वहीं धार्मिक मान्यताओं और आस्था के प्रतीकों को सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की संवेदनशीलता भी सामने आ रही है। कुछ लोग राजामौली के विचारों का समर्थन करते हैं और कहते हैं कि उनका आस्तिक न होना उनकी कलात्मक आज़ादी का हिस्सा है। तो कुछ धार्मिक संगठन यह मांग कर रहे हैं कि उन पर कार्रवाई हो ताकि धार्मिक भावनाओं का संरक्षण हो सके।
पुलिस ने अभी तक शिकायत पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है कि आगे क्या कदम उठाया जाएगा। इस घटना की प्रतिक्रिया के चलते फिल्म “वाराणसी” की चर्चा भी नई दिशा में बढ़ रही है — जहां सिर्फ फिल्म की कलात्मकता नहीं, बल्कि निर्देशक की व्यक्तिगत मान्यताएं भी बहस का हिस्सा बन गई हैं।
Tags:    

Similar News