Chennai चेन्नई : जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने फिल्म ‘धुर्वा नटचतिरम’ से जुड़े लंबे समय से लंबित वित्तीय और कानूनी मामलों को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फिल्म से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन अब एक नियंत्रित और पारदर्शी व्यवस्था के तहत किए जाएंगे, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि फिल्म से संबंधित सभी वित्तीय ट्रांजैक्शन को संभालने के लिए कोंडाडुवोम एंटरटेनमेंट के नाम से एक अलग और समर्पित बैंक अकाउंट (Dedicated Bank Account) खोला जाए। इस खाते का उद्देश्य सभी आय और व्यय को एक ही सिस्टम के तहत लाना है, जिससे फंड के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
इस कदम को फिल्म उद्योग में वित्तीय प्रबंधन की प्रक्रिया को अधिक संगठित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि फिल्म से जुड़े सभी भुगतान अब इस विशेष बैंक खाते के माध्यम से ही किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम हो।
इसके साथ ही अदालत ने एक वकील को ऑब्ज़र्वर के रूप में नियुक्त करने का आदेश भी दिया है। यह ऑब्ज़र्वर सभी वित्तीय गतिविधियों जैसे डेबिट, रेमिटेंस और अन्य मौद्रिक लेनदेन की निगरानी करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर वित्तीय गतिविधि तय नियमों और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही हो।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोंडाडुवोम एंटरटेनमेंट के किसी भी पार्टनर को बिना पूर्व अनुमति के कोई भी भुगतान नहीं किया जाएगा। इसमें मेहनताना (remuneration) या लाभांश (profit share) जैसे सभी प्रकार के भुगतान शामिल हैं।
जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने अपने आदेश में कहा कि यह व्यवस्था इसलिए जरूरी है ताकि फिल्म से जुड़े सभी हितधारकों के बीच वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह के विवाद या अनियमितता को रोका जा सके।
इस मामले में लंबे समय से वित्तीय और कानूनी विवाद चल रहे थे, जिनके कारण फिल्म से जुड़े कई लेनदेन प्रभावित हो रहे थे। कोर्ट का यह नया आदेश इन सभी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के न्यायिक हस्तक्षेप से फिल्म उद्योग में वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में इसी तरह के मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक उदाहरण स्थापित होगा।
कोर्ट के निर्देशों के बाद अब फिल्म से जुड़े सभी वित्तीय कार्य एक नियंत्रित ढांचे में संचालित होंगे, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि सभी पक्षों के हितों की भी सुरक्षा होगी।