Dior के नए आभूषणों पर विवाद यूजर्स बोले पुराने भारतीय डिजाइनों की झलक
Dior कलेक्शन में दिखे भारतीय ज्वेलरी के अंदाज ने खींचा ध्यान
नई दिल्ली: फ्रेंच लग्जरी फैशन ब्रांड डिओर (Dior) के नए ज्वेलरी कलेक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ भारतीय यूजर्स ने आरोप लगाया है कि कलेक्शन में दिखाए गए कई डिजाइन भारतीय पारंपरिक आभूषणों से मिलते-जुलते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त क्रेडिट नहीं दिया गया।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने डिओर के नए कलेक्शन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि इनमें भारतीय ज्वेलरी की झलक दिखाई देती है। लोगों ने पारंपरिक भारतीय आभूषणों जैसे कुंदन, जड़ाऊ और अन्य शिल्प शैलियों से इसकी समानता का जिक्र किया।
कुछ यूजर्स का कहना है कि भारतीय कारीगरी और सदियों पुरानी डिजाइन परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते समय उनके स्रोत और कारीगरों को पहचान मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इसे सांस्कृतिक प्रभाव और फैशन में प्रेरणा के सामान्य आदान-प्रदान के रूप में भी देखा।
डिओर की ओर से इस विवाद पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फैशन इंडस्ट्री में अक्सर पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक डिजाइनों से प्रेरणा लेने को लेकर चर्चा होती रही है।
भारत की ज्वेलरी परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में कुंदन, मीनाकारी, फिलिग्री, मंदिर ज्वेलरी और अन्य पारंपरिक शैलियां प्रसिद्ध हैं। भारतीय आभूषणों की बारीक कारीगरी दुनिया भर में पहचान रखती है।
सोशल मीडिया के दौर में फैशन कलेक्शन को लेकर उपभोक्ता और कला प्रेमी अब डिजाइन की उत्पत्ति, स्थानीय कारीगरों की भूमिका और सांस्कृतिक संदर्भों पर भी सवाल उठाने लगे हैं।
इस मामले ने एक बार फिर वैश्विक फैशन और पारंपरिक कला के बीच संबंधों को लेकर बहस को जन्म दिया है। जहां कुछ लोग भारतीय डिजाइन की पहचान और सम्मान की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे वैश्विक फैशन में सांस्कृतिक प्रभाव का हिस्सा मान रहे हैं।