मुंबई। गणेश चतुर्थी मुंबई की संस्कृति, परंपरा और भावनाओं से गहराई से जुड़ा त्योहार माना जाता है। आम मुंबईकरों के लिए यह पर्व परिवार, स्वादिष्ट व्यंजन, पंडालों की सैर और पुरानी यादों का हिस्सा होता है। इसी तरह मशहूर सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर के लिए भी गणेश उत्सव की यादें मुंबई शहर से जुड़ी हुई हैं।

संजीव कपूर ने गणेश चतुर्थी से अपने जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि इस त्योहार का असली अनुभव उन्हें तब मिला, जब मुंबई उनकी जिंदगी का हिस्सा बनी। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक की शुरुआत में मुंबई आने के बाद उन्होंने गणपति उत्सव की भव्यता, ऊर्जा और लोगों की आस्था को करीब से महसूस किया।

मुंबई आने के बाद बदली त्योहार को देखने की नजर

संजीव कपूर के लिए गणेश उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मुंबई की जीवनशैली और संस्कृति का हिस्सा बन गया। उन्होंने बताया कि शहर में गणपति उत्सव के दौरान जो माहौल बनता है, वह अपने आप में खास होता है।


मुंबई की गलियों में सजाए गए पंडाल, गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां और लोगों का उत्साह इस त्योहार को खास बनाते हैं। संजीव कपूर ने भी इसी माहौल को करीब से अनुभव किया और इससे जुड़ी कई यादें साझा कीं।

आस्था और उत्साह का अनोखा संगम

गणेश चतुर्थी के दौरान मुंबई में जगह-जगह भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। छोटे घरेलू उत्सवों से लेकर बड़े सार्वजनिक पंडालों तक, हर जगह अलग-अलग रूप में बप्पा की पूजा की जाती है।

संजीव कपूर ने बताया कि मुंबई में इस त्योहार के दौरान लोगों की भागीदारी और उत्साह देखने लायक होता है। यहां अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग एक साथ आकर उत्सव का हिस्सा बनते हैं।

खाने और त्योहार का खास रिश्ता

मुंबई के गणेश उत्सव में भोजन का भी विशेष महत्व होता है। मोदक, पूरण पोली और कई पारंपरिक व्यंजन इस पर्व का हिस्सा होते हैं।

एक शेफ के रूप में संजीव कपूर का भोजन से खास जुड़ाव रहा है। ऐसे में गणेश चतुर्थी से जुड़े पकवान और स्वाद भी उनकी यादों का अहम हिस्सा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि त्योहारों में खाना केवल स्वाद तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह परिवार और परंपराओं को जोड़ने का माध्यम भी बनता है।

मुंबई की संस्कृति से जुड़ी यादें

संजीव कपूर ने कहा कि मुंबई ने उन्हें न केवल काम के अवसर दिए, बल्कि शहर की संस्कृति और परंपराओं को समझने का मौका भी दिया।

गणेश उत्सव के दौरान मुंबई का माहौल अलग ही नजर आता है। लोग अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव मनाते हैं और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते हैं।

गणपति उत्सव में दिखती है मुंबई की पहचान

मुंबई का गणेश उत्सव देशभर में प्रसिद्ध है। यहां बड़े सार्वजनिक पंडालों में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही घरेलू गणपति स्थापना भी लोगों के लिए भावनात्मक महत्व रखती है।

संजीव कपूर के अनुसार, इस त्योहार में मुंबई की विविधता और एकजुटता देखने को मिलती है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी शहर की पहचान का हिस्सा बन चुकी है।

पुरानी यादों को किया साझा

संजीव कपूर ने अपने अनुभवों को याद करते हुए बताया कि मुंबई आने के शुरुआती वर्षों में गणेश उत्सव ने उन्हें शहर के करीब लाने में बड़ी भूमिका निभाई।

1990 के दशक की शुरुआत में जब उन्होंने मुंबई में कदम रखा, तब उन्होंने पहली बार इस त्योहार के उस रूप को देखा, जिसमें भक्ति के साथ-साथ सामुदायिक भावना भी शामिल थी।

आज भी गणेश चतुर्थी उनके लिए मुंबई से जुड़ी खास यादों और भावनाओं का पर्व है।

गणेश उत्सव हर साल मुंबई में नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आता है। संजीव कपूर की यादें भी इस बात को दर्शाती हैं कि यह त्योहार केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि शहर की संस्कृति, रिश्तों और अनुभवों का उत्सव है।

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