दिग्गज अभिनेत्री और भरतनाट्यम नृत्यांगना हेमा मालिनी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में 'गंगा अवतरण' की एक मनमोहक प्रस्तुति के साथ 'ब्रज राज उत्सव 2026' का उद्घाटन किया। इस प्रस्तुति ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत को सबके सामने रखा। इस उत्सव में ब्रज क्षेत्र की परंपराओं, कला, संगीत और सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाया जाता है।
भारतीय सिनेमा और शास्त्रीय नृत्य में अपने योगदान के लिए जानी जाने वाली हेमा मालिनी ने हमेशा कला के माध्यम से भारतीय पौराणिक कथाओं को जीवंत किया है। 'गंगा अवतरण' की उनकी प्रस्तुति ने स्वर्ग से पृथ्वी पर गंगा नदी के अवतरण की उस पौराणिक घटना को दर्शाया, जो हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
हेमा मालिनी ने मंच पर माँ गंगा की कथा को जीवंत किया
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को, दिग्गज अभिनेत्री ने स्वामी हरिदास ऑडिटोरियम में 'गंगा अवतरण' की एक शानदार प्रस्तुति के साथ 'ब्रज राज उत्सव 2026' की शुरुआत की। अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने पारंपरिक सफेद चमकदार साड़ी पहनकर शास्त्रीय नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने देवी गंगा की भूमिका निभाई। इस प्रस्तुति के जरिए पर्यावरण जागरूकता, नदी संरक्षण और गंगा तथा यमुना को स्वच्छ और सुरक्षित रखने की तत्काल आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
इस प्रस्तुति की शुरुआत माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कथा से हुई, जिसमें राजा भगीरथ की उस दृढ़ संकल्प-गाथा को दिखाया गया, जिसके तहत उन्होंने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए गंगा को पृथ्वी पर लाने का कठिन प्रयास किया था। कार्यक्रम के दौरान एक दृश्य में भगवान शिव को अपनी जटाओं में गंगा के प्रचंड वेग को थामे हुए दिखाया गया, जिसके बाद उन्होंने गंगा को पृथ्वी की ओर प्रवाहित होने दिया।
'गंगा अवतरण' क्या है?
'गंगा अवतरण' का अर्थ है पवित्र नदी गंगा का पृथ्वी पर आगमन। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्माओं को पवित्र करने के लिए गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने हेतु कठोर तपस्या की थी। चूँकि गंगा के अवतरण का वेग अत्यंत तीव्र था, इसलिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण कर लिया और फिर धीरे-धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित होने दिया।
यह कथा भक्ति, दृढ़ संकल्प, दैवीय हस्तक्षेप और हिंदू परंपरा में गंगा के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है। शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से, जटिल शारीरिक गतिविधियों, चेहरे के हाव-भाव, हाथों की मुद्राओं और लयबद्ध रचनाओं का उपयोग करके किसी कथा को प्रस्तुत किया जाता है।
ब्रज राज उत्सव क्या है?
ब्रज राज उत्सव उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र से जुड़ा एक सांस्कृतिक महोत्सव है, जो विशेष रूप से भगवान कृष्ण के जीवन और उनसे जुड़ी कथाओं से अपने गहरे जुड़ाव के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र में मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल शामिल हैं।
यह महोत्सव पारंपरिक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प, क्षेत्रीय खान-पान और स्थानीय कलाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। साथ ही, इसका उद्देश्य इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देना भी है।
Tags: