मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुजरात के सूरत से दो पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता की कार पर हुई गोलीबारी में इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। इस बरामदगी के बाद मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। क्राइम ब्रांच अब हथियारों की फोरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटनास्थल पर मिले खाली कारतूसों और बरामद पिस्टल के बीच कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने सूरत में एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी कर दोनों हथियार बरामद किए। बताया जा रहा है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होते समय इन हथियारों को सूरत में छिपाकर चले गए थे। हालांकि, हथियार किस व्यक्ति के कब्जे से मिले और उन्हें वहां किसने छिपाया था, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सूरत में छिपाए गए थे फायरिंग में इस्तेमाल हथियार
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले में लगातार जांच कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और हथियारों की सप्लाई से जुड़े सुरागों के आधार पर गुजरात के सूरत तक जांच का दायरा बढ़ाया था।जांच अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि फायरिंग की घटना के बाद हमलावरों ने फरार होने के दौरान हथियारों को एक सुरक्षित ठिकाने पर छिपाया था। इस जानकारी के बाद पुलिस की टीम ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान दो पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस का मानना है कि ये हथियार हमले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते हैं। हालांकि, इनका घटना में इस्तेमाल हुआ था या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
फोरेंसिक जांच से खुल सकते हैं कई राज
बरामद हथियारों को बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि टाइगर श्रॉफ की कार पर चलाई गई गोलियां इन्हीं पिस्टल से निकली थीं या नहीं।इसके लिए घटनास्थल से मिले खाली खोखों और बरामद हथियारों के तकनीकी निशानों का मिलान किया जाएगा। बैलिस्टिक जांच के जरिए यह निर्धारित करने में मदद मिल सकती है कि गोली किस हथियार से चलाई गई थी।
इसके अलावा पुलिस हथियारों की खरीद, आपूर्ति और उन्हें छिपाने में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने का भी प्रयास कर रही है।जांच अधिकारियों के लिए यह बरामदगी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हमले की साजिश और आरोपियों की गतिविधियों से संबंधित नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग की घटना
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 का है। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक गोलीबारी कर दी थी।पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने अभिनेता की गाड़ी को निशाना बनाकर करीब पांच से छह राउंड फायरिंग की थी। घटना के दौरान टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए थे।हालांकि, इस गोलीबारी में अभिनेता का वाहन चालक और एक राहगीर घायल हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
इस वारदात के बाद मुंबई पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की तलाश की गई।
वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी मिली थी
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के भागने के रास्तों की जांच शुरू की थी। इसी दौरान अंधेरी इलाके से एक लावारिस मोटरसाइकिल बरामद हुई थी।पुलिस को संदेह था कि इसी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल हमलावरों ने वारदात के बाद भागने के लिए किया था।मोटरसाइकिल से जुड़े सुरागों और आरोपियों की गतिविधियों की जांच करते हुए पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।
इस मामले में अब तक कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच केवल गोली चलाने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि हथियार उपलब्ध कराने और हमले की योजना बनाने में मदद करने वाले लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम भी आया सामने
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने उसे इस मामले में वांछित आरोपी बनाया है।रिपोर्टों के मुताबिक, अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से होने की बात भी सामने आई है।जांच एजेंसियों को संदेह है कि वह विदेश से अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावे और हमले में उसकी वास्तविक भूमिका की जांच जारी है।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले के पीछे क्या मकसद था और पूरी साजिश में कितने लोग शामिल थे।हथियारों की सप्लाई से जुड़े आरोपियों पर शिकंजा
इस मामले की जांच मुंबई से आगे बढ़कर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात तक पहुंच चुकी है।दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी हथियारों की खरीद और आपूर्ति में कथित भूमिका को लेकर चार लोगों को गिरफ्तार किया था।गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित के अलावा उत्तर प्रदेश की राधा और बबीता शामिल हैं।पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने हमले में इस्तेमाल हथियारों की व्यवस्था करने और उन्हें संबंधित लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई थी।हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
बरामद हथियार बन सकते हैं अहम सबूत
मुंबई क्राइम ब्रांच के लिए सूरत से दो पिस्टल और जिंदा कारतूस की बरामदगी जांच में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।अब जांच अधिकारियों का ध्यान हथियारों के वास्तविक स्रोत, उनकी सप्लाई चेन और फायरिंग की साजिश से जुड़े अन्य संदिग्धों पर है।यदि फोरेंसिक जांच में यह साबित होता है कि बरामद पिस्टल का इस्तेमाल अभिनेता की कार पर गोलीबारी में हुआ था, तो यह आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य बन सकता है।फिलहाल पुलिस मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आने वाले दिनों में पूछताछ और वैज्ञानिक जांच के आधार पर और जानकारियां सामने आ सकती हैं।