फिल्म में अभिषेक बच्चन मुख्य भूमिका में हैं, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस में वह दम नहीं दिखा, जो दर्शकों को बांध सके। उनकी अदाकारी एक ही लय में चलती रही, जिससे किरदार में गहराई की कमी महसूस हुई। ऐसा लग रहा था कि अभिषेक ने खुद को बहुत सीमित कर लिया है और वह अपनी पुरानी गलतियों को दोहरा रहे हैं।
निर्देशन की बात करें तो, फिल्म में कई जगहों पर निर्देशन बिखरा हुआ नजर आता है। कहानी का प्रवाह कभी तेज तो कभी बेहद सुस्त हो जाता है, जिससे दर्शकों का जुड़ाव टूटता रहता है। कॉमेडी पंचेज में भी वह धार नहीं है, जो इसे एक मजेदार फिल्म बना सके।
अभिषेक बच्चन ने अपने करियर में कई शानदार फिल्में दी हैं, लेकिन 'Be Happy' को देखकर यह साफ हो जाता है कि उन्हें अपने अभिनय पर फिर से मंथन करने की जरूरत है। कभी 'गुरु' और 'युवा' जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी से प्रभावित करने वाले अभिषेक को अब दो कदम पीछे हटकर एक नई छलांग लगाने की जरूरत है।
क्या यह फिल्म देखने लायक है? अगर आप अभिषेक के फैन हैं तो इसे एक बार देख सकते हैं, लेकिन अगर आप एक दमदार कहानी और प्रभावशाली अभिनय की तलाश में हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है। 'Be Happy' एक एवरेज एंटरटेनर है, जो जल्द ही भुला दी जाएगी।