मुंबई। प्राइम वीडियो का चर्चित शो ‘एलायंस’ अब अपने ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रहा है। शो के अंतिम मुकाबले को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है। फैन्स यह जानने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि फिनाले में एली गोनी के साथ कौन पहुंचेगा और आखिरकार शो की ट्रॉफी किसके नाम होगी। हालांकि, फिनाले से पहले ही शो के विनर को चुनने के तरीके को लेकर विवाद शुरू हो गया है।
शो के मेकर्स ने हाल ही में एक नया प्रोमो जारी किया है, जिसमें फिनाले के दौरान विजेता तय करने की प्रक्रिया की झलक दिखाई गई है। प्रोमो के सामने आने के बाद जहां कुछ दर्शकों में उत्साह बढ़ा है, वहीं कई लोगों ने इस फॉर्मेट पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, फिनाले में कंटेस्टेंट्स को एक बार फिर कोड क्रैक करने वाले टास्क के जरिए आगे बढ़ना होगा। इससे पहले भी शो में एक टास्क के दौरान प्रतिभागियों को वॉल्ट में एक कोड डालकर यह पता लगाना था कि ‘ऐस’ कौन है। अब इसी तरह की प्रक्रिया को विजेता चुनने के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, इस तरीके को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। कई फैन्स का कहना है कि किसी रियलिटी शो के विजेता का फैसला इस तरह की तकनीकी प्रक्रिया के आधार पर नहीं होना चाहिए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस फॉर्मेट को लेकर नाराजगी जताई है और इसे निष्पक्षता के लिहाज से सही नहीं बताया है।
कुछ दर्शकों ने आरोप लगाया है कि वॉल्ट के ‘वैलिड’ या ‘नॉट वैलिड’ दिखाने की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जा सकता है। उनका कहना है कि अगर नतीजा किसी सिस्टम या कोड पर निर्भर है, तो दर्शकों के लिए यह भरोसा करना मुश्किल हो जाता है कि फैसला पूरी तरह निष्पक्ष है।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने फिनाले के इस फॉर्मेट को पहले से तय बताया है। हालांकि, शो के मेकर्स की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, शो से जुड़े फैन्स लगातार चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह प्रक्रिया वास्तव में प्रतिभागियों की क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर विजेता तय करेगी या फिर इसमें किसी तरह की भूमिका हो सकती है।
‘एलायंस’ ने अपने सफर के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। शो में कंटेस्टेंट्स के बीच रणनीति, दोस्ती, प्रतिस्पर्धा और टास्क को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी रही। हर एपिसोड के साथ शो के प्रशंसकों की संख्या बढ़ती गई और अब फिनाले को लेकर उत्साह अपने चरम पर है।
एली गोनी की मौजूदगी भी शो के आकर्षण का एक बड़ा कारण रही है। फैन्स यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि फिनाले में उनके साथ कौन अंतिम मुकाबले तक पहुंचेगा और कौन विजेता बनकर उभरेगा।
रियलिटी शो में अक्सर विजेता चुनने के तरीके को लेकर बहस होती रही है। कुछ दर्शक पारंपरिक वोटिंग सिस्टम को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं, जबकि कुछ नए और अलग तरह के टास्क आधारित फॉर्मेट को पसंद करते हैं। ‘एलायंस’ का यह फिनाले फॉर्मेट भी इसी बहस का हिस्सा बन गया है।
फिलहाल, शो का अंतिम एपिसोड आने के बाद ही साफ होगा कि विजेता चुनने की प्रक्रिया कितनी प्रभावी और निष्पक्ष साबित होती है। दर्शकों की नजरें अब ग्रैंड फिनाले पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि ‘एलायंस’ की ट्रॉफी किस कंटेस्टेंट के हाथ लगती है।
विवादों के बावजूद शो को लेकर चर्चा लगातार जारी है। सोशल मीडिया पर फैन्स अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट को समर्थन दे रहे हैं और फिनाले के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।