राजधानी दिल्ली में यमुना का जलस्तर अब कम होने लगा है, लेकिन पानी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. आज यानी मंगलवार को यमुना का जलस्तर सुबह 7 बजे 205.71 मीटर दर्ज किया गया, जबकि रात 11 बजे यमुना नदी का जलस्तर 206.01 मीटर मापा गया था. इस क्रम में रात 11 बजे यमुना नदी का जलस्तर 206.01 मीटर दर्ज किया गया था. बावजूद इसके यमुना का पानी खतरे के निशान ( 205.33 मीटर ) से ऊपर बह रहा है.
 बाढ़ के बाद दिल्ली में बीमारी फैलने का खतरा
आपको बता दें कि पिछले एक हफ्ते से यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. जिसके चलते दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. सड़के तालाब बन गई हैं और घरों में पानी घुस आने को लेकर लोग बेघर हो गए हैं और सरकारी की तरफ से बनाए गए राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं. हालांकि सरकारी राहत शिविरों में खाने-पीने और रहने से लेकर दवाइयों आदि की व्यवस्था की गई है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया था कि हमारे जितने भी राहत शिविर हैं, उसमें दिल्ली सरकार की तरफ से मेडिकल कैंप लगाए गए हैं. वहां दवाईयां और मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. हम कल कई सारे कैंप में गए और हमने देखा कि 150-200 मरीज साधारण बीमारियों के लिए आ रहे हैं. बरसात के बाद लोगों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया हो सकते हैं, इसलिए अस्पतालों में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए आपदा प्रबंधन वार्ड बनाया गया है.
 हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ने के बाद बढ़ा था यमुना का जलस्तर
आपको बता दें कि पिछले दिनों हरियाणा के बैराज से एक साथ 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था. हालांकि बाद के दिनों में हथनी कुंड बैराज से पिछले दिन के मुकाबले कम पानी छोड़ा गया. बीते 24 घंटे की बात करें तो आधी रात को अधिकतम 48,010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसके साथ ही शाम को 4,000 क्यूसेक से भी कम पानी छूट रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना कम है.
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