शराब के लिए पैसे नहीं मिले तो घर में लगा दी आग, सिलेंडर ब्लास्ट में फायरमैन झुलसा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां एक 30 वर्षीय युवक पर कथित तौर पर अपने ही घर में आग लगाने का आरोप लगा है। आग की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान घर में रखा एलपीजी गैस सिलेंडर अचानक फट गया। धमाका इतना तेज था कि आग बुझाने में जुटा एक दमकलकर्मी उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। घायल दमकलकर्मी की पहचान 32 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है। उनके चेहरे, बालों और दोनों हाथों पर जलने के घाव आए हैं। शुरुआती चिकित्सकीय जांच में वह लगभग 25 प्रतिशत झुलसे पाए गए। पुलिस के अनुसार, घर में आग लगाने का आरोप भारत नामक युवक पर है, जिसे शराब पीने की लत होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
शराब के लिए पैसे नहीं मिलने पर घर में आग लगाने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जहांगीरपुरी के ई-ब्लॉक में रहने वाले भारत नामक युवक ने कथित तौर पर अपने ही घर में आग लगा दी।रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। आरोप है कि शराब के लिए पैसे नहीं मिलने के कारण उसने घर में आग लगाई।हालांकि, घटना के पीछे के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की पुलिस जांच जारी है।बताया गया है कि भारत अपनी मां राज रानी के साथ रहता था। आग लगने के समय उसकी मां भी घर में मौजूद थीं।घर में आग लगते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मकान से आग और धुआं उठता देखकर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी।घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
सुबह 11:23 बजे दमकल विभाग को मिली सूचना
दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर जहांगीरपुरी के एक मकान में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई।इसके तीन मिनट बाद, सुबह 11 बजकर 26 मिनट पर पुलिस कंट्रोल रूम को भी घटना की जानकारी मिली।सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।जानकारी के अनुसार, आग तीन मंजिला इमारत के भूतल पर लगी थी। वहां घरेलू सामान और एलपीजी गैस सिलेंडर मौजूद था।आग फैलने के कारण घर में रखे सामान के साथ सिलेंडर के भी प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई।दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक बड़ा हादसा हो गया।
आग बुझाते समय अचानक फटा गैस सिलेंडर
घटना का सबसे भयावह क्षण उस समय सामने आया, जब दमकलकर्मी जलते हुए मकान के भीतर लगी आग को बुझाने में जुटे थे।इसी दौरान एलपीजी सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया।विस्फोट के कारण आग की लपटें और मलबा तेजी से बाहर की ओर फैला।धमाके के समय दमकलकर्मी अंकित आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे। वह विस्फोट की चपेट में आ गए।
अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोग घबरा गए।
विस्फोट के बाद साथी दमकलकर्मियों ने तुरंत घायल अंकित को सुरक्षित निकालने और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।घटना ने एक बार फिर आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मियों के सामने आने वाले गंभीर खतरों को उजागर किया है।वीडियो में कैद हुआ धमाके का खौफनाक मंजरजहांगीरपुरी में हुई इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।वीडियो में दमकलकर्मी मकान में लगी आग बुझाने का प्रयास करते दिखाई देते हैं।इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर फट जाता है और आग की तेज लपटें बाहर निकलती हैं।
धमाके के बाद आसपास खड़े लोगों में हड़कंप मच जाता है।
वीडियो रिकॉर्ड कर रहे स्थानीय लोगों की आवाजें भी सुनाई देती हैं। वे घायल दमकलकर्मी को बचाने के लिए आवाज लगाते हैं।सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद घटना की चर्चा तेज हो गई है।हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम से आग लगने की मूल वजह या किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण नहीं किया जा सकता।
घायल फायरमैन अंकित को एम्स रेफर किया गया
सिलेंडर विस्फोट में घायल दमकलकर्मी अंकित को पहले बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच और उपचार किया।चिकित्सकीय परीक्षण में शरीर के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से में जलने की चोटें होने की जानकारी सामने आई।उनके चेहरे, बालों और दोनों हाथों पर जलने के निशान पाए गए।इसके बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के बर्न वार्ड में रेफर किया गया।रिपोर्ट्स के अनुसार, अंकित की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य और उपचार से संबंधित आगे की जानकारी चिकित्सा अधिकारियों की ओर से जारी की जा सकती है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में घर में रहने वाले भारत पर आग लगाने का संदेह सामने आया है।अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग किस तरह लगाई गई और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं।इसके अलावा घटना के समय घर में मौजूद लोगों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।जांच में यह भी देखा जाएगा कि आग लगाने के लिए किसी ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।फिलहाल आग लगाने के आरोपों की अंतिम न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए संबंधित व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जा सकता।
तीन मंजिला मकान में लगी थी आग
पुलिस के अनुसार, जिस मकान में आग लगी, वह तीन मंजिला इमारत है।आग भूतल पर रखे घरेलू सामान में लगी थी। इसी हिस्से में एलपीजी सिलेंडर भी मौजूद था।ऐसी परिस्थितियों में आग फैलने से भवन के अन्य हिस्सों और आसपास के मकानों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।दमकल विभाग की प्राथमिकता आग पर नियंत्रण पाने और आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखने की थी।मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाने की कार्रवाई की।घटना में घर के सामान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी उपलब्ध नहीं है।
गैस सिलेंडर में विस्फोट क्यों होता है?
अग्निशमन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर आग के संपर्क में आने पर खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है।तेज गर्मी से सिलेंडर के भीतर दबाव बढ़ सकता है। अत्यधिक तापमान और अन्य परिस्थितियों में सिलेंडर के क्षतिग्रस्त होने या फटने का खतरा रहता है।हालांकि, जहांगीरपुरी की घटना में सिलेंडर किस तकनीकी कारण से फटा, इसका स्पष्ट निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।सामान्य सुरक्षा के लिहाज से गैस रिसाव या आग लगने की स्थिति में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए।आग के संपर्क में आए सिलेंडर को स्वयं हटाने या उसके नजदीक जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।ऐसी स्थिति में दमकल विभाग के आपातकालीन नंबर 101 या राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना देना उचित है।
घटना से उठे कई गंभीर सवाल
जहांगीरपुरी की इस घटना ने घरेलू हिंसा जैसी परिस्थितियों, नशे की लत और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है।यदि जांच में यह साबित होता है कि युवक ने जानबूझकर घर में आग लगाई थी, तो इस घटना से परिवार के सदस्यों के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मचारियों की जान भी खतरे में पड़ी।दमकलकर्मी अंकित का घायल होना इस घटना का सबसे गंभीर परिणाम रहा।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायल दमकलकर्मी का उपचार जारी है।जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग लगाने की घटना में किन परिस्थितियों और व्यक्तियों की भूमिका थी।