नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव शुक्रवार को भी जारी रहा। विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही लगातार पांचवें दिन प्रभावित हुई और सदन का कामकाज आगे नहीं बढ़ सका।

शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया। विपक्ष का कहना था कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले पर सरकार को जवाब देना चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

विपक्ष ने फिर उठाई इस्तीफे की मांग

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

विपक्ष का तर्क है कि जब बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक परीक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, तो सरकार को संसद में विस्तृत चर्चा करानी चाहिए और सुधारों का रोडमैप सामने रखना चाहिए।

विरोध कर रहे सांसदों ने सदन में चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की, जिसके चलते कार्यवाही बाधित हुई।

सरकार ने विपक्ष पर लगाया बहस से बचने का आरोप

वहीं, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह NEET और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने विपक्षी दलों से कई बार संपर्क कर सदन में चर्चा कराने की कोशिश की है।

दोपहर 12 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू होने के बाद रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए अलग-अलग कारण तलाश रहा है।

किरेन रिजिजू ने की सदन चलाने की अपील

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है, जहां सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह हंगामा खत्म कर सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दे।

सरकार की ओर से कहा गया कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

विपक्ष का आरोप- सरकार जवाब देने से बच रही

विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार चर्चा की बात तो कर रही है, लेकिन वास्तविक मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। उनका आरोप है कि NEET मामले में छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और इसकी पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

विपक्ष का कहना है कि केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि संसद में खुली बहस के जरिए सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

संसद में लगातार जारी है गतिरोध

मानसून सत्र की शुरुआत से ही NEET पेपर लीक का मुद्दा संसद में प्रमुख रूप से उठाया जा रहा है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार चर्चा के जरिए समाधान निकालने की बात कह रही है।

दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही है। इससे कई महत्वपूर्ण संसदीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

छात्रों और परीक्षा व्यवस्था पर केंद्रित बहस

NEET परीक्षा को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं सामने आई हैं। विपक्ष इसे शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता से जोड़ रहा है।

सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है।

आगे की राह पर नजर

फिलहाल सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। विपक्ष अपनी मांगों पर कायम है, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है।

संसद की आगे की कार्यवाही इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या नहीं।

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