एनसीआर नॉएडा न्यूज़: दिल्ली से सटे नोएडा में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद एक अक्तूबर से ट्विन टावर के मलबे को ढंककर रखना होगा। साथ ही पानी का नियमित छिडक़ाव करना होगा। इस बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित एजेंसी को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभी भी पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है, लेकिन मलबा ढंका नहीं गया है।

सेक्टर-93ए स्थित ट्विट टावर ध्वस्तीकरण के बाद 80 हजार टन मलबा निकला है, जिसे निस्तारण करना है। मलबे की ढुलाई में करीब तीन महीने का समय लगने की संभावना है। यानि इसकी ढुलाई में कम से कम नवम्बर तक का समय लगेगा। इस बार ग्रैप पहली अक्तूबर से ही लागू होगा। इस स्थिति में मलबे की ढुलाई के दौरान ग्रैप से संबंधित सभी नियमों का पालन पूरी तरह से करना होगा। ग्रैप लगने के बाद मलबे पर पानी का नियमित छिडक़ाव, उसे ढंककर रखना और ढुलाई के दौरान ढंककर ले जाया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि ग्रैप लागू होने के बाद सभी नियमों का सख्ती से पालन होगा। इस बारे में मलबा निस्तारण कंपनी को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।

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