62 साल के सफर की कहानी MiG 21 पर Netflix की खास डॉक्यूमेंट्री जल्द रिलीज
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के सबसे चर्चित लड़ाकू विमानों में शामिल **MiG-21** की गौरवशाली यात्रा अब पर्दे पर दिखाई जाएगी। ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स जल्द ही MiG-21 पर आधारित डॉक्यूमेंट्री लेकर आ रहा है, जिसका नाम **'द लास्ट सैल्यूट: ए ट्रिब्यूट टू MiG-21'** रखा गया है। यह डॉक्यूमेंट्री अगस्त महीने में ही रिलीज होगी और इसमें भारतीय वायुसेना के इस ऐतिहासिक लड़ाकू विमान के 62 साल के सफर को दिखाया जाएगा।
MiG-21 भारतीय वायुसेना के इतिहास का एक बेहद अहम हिस्सा रहा है। इस विमान ने कई महत्वपूर्ण अभियानों में अपनी भूमिका निभाई और दशकों तक देश की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान दिया। नेटफ्लिक्स की यह डॉक्यूमेंट्री इसी विरासत और इससे जुड़े जांबाज पायलटों की कहानियों को सामने लाने का प्रयास करेगी।
26 अगस्त को होगी रिलीज
नेटफ्लिक्स की आने वाली डॉक्यूमेंट्री **'द लास्ट सैल्यूट: ए ट्रिब्यूट टू MiG-21'** को 26 अगस्त को रिलीज किया जाएगा। इसे **कुशल श्रीवास्तव** ने डायरेक्ट किया है, जबकि इसका निर्माण **मैचबॉक्स शॉट्स** ने किया है।
यह डॉक्यूमेंट्री उन दर्शकों के लिए खास होगी, जो भारतीय वायुसेना, युद्ध इतिहास और सैन्य विमानों में रुचि रखते हैं।
MiG-21 की 62 साल की कहानी
MiG-21 ने भारतीय वायुसेना में छह दशक से ज्यादा समय तक अपनी सेवाएं दीं। यह विमान भारतीय एयरफोर्स के लिए सिर्फ एक मशीन नहीं बल्कि कई पीढ़ियों के पायलटों की भावनाओं से जुड़ा रहा है।
डॉक्यूमेंट्री में दिखाया जाएगा कि कैसे MiG-21 ने भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाई और किस तरह कई ऐतिहासिक अभियानों में अहम भूमिका निभाई।
कारगिल युद्ध से भी जुड़ा है रिश्ता
MiG-21 का नाम कारगिल युद्ध के दौरान भी काफी चर्चा में रहा था। भारतीय वायुसेना के **गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन** ने इस विमान का इस्तेमाल किया था।
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सफेद सागर में लड़ाकू विमानों ने दुश्मन के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इसी पृष्ठभूमि को लेकर नेटफ्लिक्स पहले **'ऑपरेशन सफेद सागर'** नाम की सीरीज भी लेकर आया था, जिसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला।
वायुसेना प्रमुख और पायलट होंगे शामिल
'द लास्ट सैल्यूट' में भारतीय वायुसेना प्रमुख **एयर चीफ मार्शल एपी सिंह** के साथ-साथ उन पायलटों की कहानियां भी दिखाई जाएंगी, जिन्होंने वर्षों तक MiG-21 उड़ाया।
डॉक्यूमेंट्री में पायलटों के अनुभव, यादें और इस विमान से जुड़े अनकहे किस्सों को शामिल किया जाएगा।
MiG-21 क्यों रहा खास?
MiG-21 को दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। भारत ने इसे 1960 के दशक में अपनी वायुसेना में शामिल किया था।
कम लागत, तेज गति और युद्ध क्षमता के कारण यह विमान लंबे समय तक भारतीय वायुसेना की रीढ़ बना रहा। कई युवा पायलटों ने अपने करियर की शुरुआत इसी विमान से की।
ऑपरेशन सफेद सागर के बाद बढ़ी दिलचस्पी
नेटफ्लिक्स की सीरीज **'ऑपरेशन सफेद सागर'** को दर्शकों से मिली सफलता के बाद MiG-21 की कहानी को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। सीरीज में भारतीय वायुसेना के अभियानों और पायलटों की वीरता को दिखाया गया था।
अब नई डॉक्यूमेंट्री में पूरा फोकस MiG-21 और उससे जुड़े लोगों की भावनात्मक यात्रा पर होगा।
सिर्फ विमान नहीं, एक भावना
भारतीय वायुसेना के कई पूर्व अधिकारियों और पायलटों के लिए MiG-21 केवल एक विमान नहीं रहा है। यह उनके करियर, उपलब्धियों और यादगार मिशनों का हिस्सा रहा है।
कई पायलटों ने इस विमान को उड़ाते हुए अपने जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किए। डॉक्यूमेंट्री में इन्हीं व्यक्तिगत कहानियों को प्रमुखता दी जाएगी।
सैन्य इतिहास को दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश
पिछले कुछ वर्षों में भारत में सैन्य इतिहास और सशस्त्र बलों से जुड़ी कहानियों पर आधारित फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की लोकप्रियता बढ़ी है।
नेटफ्लिक्स की यह पहल भी भारतीय वायुसेना के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश मानी जा रही है।