चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाओं को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लेते हुए गठबंधन की संभावनाओं पर सवाल उठाए। केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि मजीठिया के साथ मिलकर पंजाब से नशे की समस्या खत्म करने की योजना दुनिया का आठवां अजूबा होगी।केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने अमित शाह और मजीठिया के बीच करीबी संबंध होने का दावा किया और संभावित राजनीतिक गठबंधन को लेकर कटाक्ष किया।
केजरीवाल बोले- यह दुनिया का आठवां अजूबा होगा
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "मजीठिया और अमित शाह जी बहुत करीबी हैं, बिल्कुल भाइयों की तरह। अब मजीठिया के साथ गठबंधन करके अमित शाह जी पंजाब से नशा खत्म करेंगे। यह दुनिया का आठवां अजूबा होगा। वाह, मोदी जी, वाह! क्या शानदार योजना बनाई है आपने।"केजरीवाल के इस बयान में पंजाब की नशे की समस्या और राज्य की गठबंधन राजनीति, दोनों को निशाने पर रखा गया है। हालांकि, अमित शाह और मजीठिया के संबंधों को लेकर किया गया दावा केजरीवाल का राजनीतिक आरोप है। इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
गठबंधन की चर्चाओं के बीच गरमाई राजनीति
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की संभावित रणनीतियों और गठबंधन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैंदोनों दल पहले भी पंजाब में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, नए गठबंधन के संबंध में औपचारिक घोषणा और राजनीतिक चर्चाओं के बीच अंतर करना जरूरी है।केजरीवाल का ताजा बयान इन्हीं चर्चाओं के बीच सामने आया है। उन्होंने संभावित गठबंधन को पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे से जोड़ते हुए भाजपा के दावों पर सवाल उठाए हैं।
नशे के मुद्दे पर भाजपा और आप आमने-सामने
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय रही है। राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं।हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने राज्य की भगवंत मान सरकार पर नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। शाह ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई थी।वहीं, केजरीवाल ने भाजपा शासित राज्यों में नशे की समस्या को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा था कि बिहार, गुजरात, राजस्थान और गोवा में इस समस्या को पूरी तरह समाप्त क्यों नहीं किया गया।
2027 के चुनाव में अहम बन सकता है नशे का मुद्दा
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नशे की रोकथाम, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गठबंधन जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो रही है।केजरीवाल के शनिवार के बयान से भाजपा और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चा को नया आधार मिला है। हालांकि, दोनों दलों के बीच नए गठबंधन की औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की रणनीतियों के साथ-साथ नशे की समस्या से निपटने के लिए उठाए गए ठोस कदम भी सार्वजनिक बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रह सकते हैं।
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