नई दिल्ली New Delhi: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल Chief Minister Arvind Kejriwal के पूर्व सहयोगी बिभव कुमार की न्यायिक हिरासत 22 जून तक बढ़ा दी। न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। शुक्रवार को बिभव कुमार को कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट नेहा गोयल ने न्यायिक हिरासत बढ़ा दी। बिभव कुमार की ओर से अधिवक्ता करण शर्मा पेश हुए। आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल के साथ कथित मारपीट मामले में पूछताछ के बाद कुमार को 31 मई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने 18 मई को कुमार को गिरफ्तार किया था। मालीवाल 
Maliwal 
की ओर से 16 मई को शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया था। कथित मारपीट की घटना 13 मई की है। हाल ही में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बिभव कुमार की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थीChief Minister Arvind Kejriwal
कोर्ट Court ने पीड़िता स्वाति मालीवाल को मिल रही धमकियों और आरोपियों द्वारा गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के मद्देनजर जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा, "इस तथ्य को देखते हुए कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और पीड़िता के मन में अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर डर है.... यह भी आशंका है कि आरोपी बिभव कुमार अगर आजाद हुआ तो गवाहों को प्रभावित कर सकता है।" विशेष न्यायाधीश एकता गौबा मान ने 7 जून को आदेश दिया, "इसलिए मुझे आरोपी बिभव कुमार की जमानत याचिका में कोई दम नहीं दिखता। इसलिए आरोपी बिभव कुमार की मौजूदा नियमित जमानत याचिका खारिज की जाती है।" यह दूसरी जमानत याचिका थी जिसे अदालत ने खारिज किया है। इससे पहले कुमार की पहली नियमित जमानत याचिका 27 मई को खारिज की गई थी। (एएनआई)
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