दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीवी की मशहूर अभिनेत्री **स्मृति ईरानी** इन दिनों एक बार फिर चर्चा में हैं। राजनीति में लंबा सफर तय करने के बाद जब उन्होंने मनोरंजन की दुनिया में वापसी की तो उनकी कहानी ने कई लोगों को हैरान कर दिया। स्मृति ईरानी ने खुद खुलासा किया कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने इंतजार करने के बजाय खुद काम तलाशने की पहल की थी। उन्होंने एक शख्स को फोन कर कहा था- **“मैं बेरोजगार हूं, क्या आप मुझे कुछ काम दे सकते हैं?
यह शख्स कोई और नहीं बल्कि मीडिया और मनोरंजन जगत के दिग्गज **उदय शंकर** थे। स्मृति ईरानी ने बताया कि उन्होंने खुद उदय शंकर को फोन किया और काम की इच्छा जताई। उस समय उदय शंकर विदेश में थे। स्मृति के इस फैसले ने उन्हें भी हैरान कर दिया था, क्योंकि सामने एक ऐसी महिला थीं जो कभी देश की केंद्रीय मंत्री रह चुकी थीं और अब दोबारा अपने पुराने प्रोफेशन में लौटने के लिए काम मांग रही थीं।
अमेठी चुनाव हार के बाद बदली जिंदगी
स्मृति ईरानी ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उनकी राजनीतिक भूमिका में बदलाव आया। राजनीति में सक्रिय रहने के दौरान उन्होंने अभिनय से दूरी बना ली थी।
टीवी सीरियल **‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’** में तुलसी विरानी का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली स्मृति के लिए एक्टिंग की दुनिया में वापसी आसान नहीं थी। कई सालों तक राजनीति में रहने के बाद उन्हें फिर से कैमरे के सामने आने का फैसला लेना पड़ा।
खुद फोन उठाया और मांगा काम
स्मृति ईरानी ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने किसी ऑफर का इंतजार नहीं किया। उन्होंने खुद फोन उठाया और मनोरंजन जगत में काम की तलाश शुरू की।
उन्होंने कहा कि उन्होंने उदय शंकर से संपर्क कर साफ शब्दों में कहा कि वह काम करना चाहती हैं। स्मृति के लिए यह कोई शर्म की बात नहीं थी, बल्कि अपने करियर को दोबारा शुरू करने का एक सामान्य कदम था।
उन्होंने बताया कि काम मांगने में उन्हें कोई झिझक नहीं हुई। उनका मानना था कि चाहे व्यक्ति किसी भी पद पर पहुंच जाए, काम के प्रति सम्मान और मेहनत की भावना हमेशा बनी रहनी चाहिए।
उदय शंकर भी रह गए थे हैरान
स्मृति ईरानी के फोन से उदय शंकर काफी चौंक गए थे। उनके लिए यह हैरानी की बात थी कि एक पूर्व केंद्रीय मंत्री खुद फोन कर काम मांग रही हैं।
स्मृति ने बताया कि उदय शंकर ने उनसे पूछा कि क्या वह सच में दोबारा टीवी की दुनिया में लौटना चाहती हैं? क्योंकि टीवी इंडस्ट्री में काम करने का मतलब लंबे शूटिंग घंटे और लगातार मेहनत करना होता है।
लेकिन स्मृति अपने फैसले को लेकर पूरी तरह तैयार थीं।
जिस शख्स से करियर खत्म हुआ वही बना वापसी की वजह
स्मृति ईरानी ने अपनी कहानी में एक दिलचस्प बात भी बताई। उन्होंने कहा कि उदय शंकर वही व्यक्ति थे जिनकी वजह से कभी उनका मनोरंजन जगत में एक अध्याय खत्म हुआ था, लेकिन बाद में वही उनकी वापसी की वजह भी बने।
समय का यह बदलाव काफी खास था। जिस व्यक्ति से कभी टीवी करियर का रास्ता बदला था, उसी के जरिए दोबारा अभिनय की दुनिया में लौटने का मौका मिला।
फिर लौटीं ‘तुलसी’ बनकर
स्मृति ईरानी की मेहनत रंग लाई और उन्हें एक बार फिर अपने सबसे लोकप्रिय किरदार **तुलसी विरानी** के रूप में दर्शकों के सामने आने का मौका मिला।
करीब 25 साल बाद जब वह ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के नए सीजन के साथ लौटीं तो पुराने दर्शकों में भी उत्साह देखने को मिला। उनके साथ कई पुराने कलाकार भी जुड़े।
सेट पर लोगों को हुआ था आश्चर्य
स्मृति ने बताया कि जब वह दोबारा टीवी सेट पर पहुंचीं तो कई लोग हैरान थे। लोगों के लिए यह देखना अलग अनुभव था कि एक पूर्व मंत्री फिर से सामान्य कलाकार की तरह शूटिंग कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए। हर काम में मेहनत और अनुशासन जरूरी होता है।
कहानी देती है बड़ा संदेश
स्मृति ईरानी की यह कहानी उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है जो किसी असफलता के बाद रुक जाते हैं। उन्होंने दिखाया कि पद और पहचान बदल सकती है, लेकिन मेहनत करने की इच्छा हमेशा इंसान को आगे बढ़ा सकती है।
चुनाव हारने के बाद उन्होंने खुद को खत्म नहीं माना, बल्कि नए रास्ते तलाशे। उन्होंने काम मांगा, नई शुरुआत की और फिर उसी क्षेत्र में वापसी की जहां से उन्होंने अपना करियर शुरू किया था।