नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे अवैध पेइंग गेस्ट (पीजी) संचालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिल्ली में 1723 अवैध पीजी पर सीलिंग की तलवार लटक रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले इन पीजी के खिलाफ कभी भी बड़ी कार्रवाई शुरू हो सकती है। कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माण को सील करने के साथ जरूरत पड़ने पर बुलडोजर भी चलाया जा सकता है। 

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दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा युवा और दूसरे राज्यों से आए लोग पीजी में रहते हैं। पढ़ाई और रोजगार के बड़े केंद्रों के आसपास पीजी की मांग अधिक होने के कारण कई क्षेत्रों में तेजी से इनका संचालन बढ़ा है। इसी बीच नियमों का पालन किए बिना चल रहे पीजी को लेकर कार्रवाई की तैयारी ने संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। जांच और सर्वे के दौरान 1723 ऐसे पीजी चिह्नित किए गए हैं, जिनके संचालन को लेकर नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। अब इन पर सीलिंग की कार्रवाई की तलवार लटक रही है। संबंधित विभाग नियमों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकता है।
अवैध पीजी का मामला केवल निर्माण या व्यावसायिक गतिविधि तक सीमित नहीं है। पीजी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा है। कई जगह एक ही इमारत में क्षमता से अधिक लोगों को रखने, आने-जाने के पर्याप्त रास्ते नहीं होने और सुरक्षा संबंधी जरूरी इंतजामों की कमी जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में किसी आपात स्थिति के दौरान बड़ी परेशानी पैदा हो सकती है।
संभावित कार्रवाई को देखते हुए पीजी संचालकों में हलचल तेज हो गई है। सीलिंग होने की स्थिति में वहां रहने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी अचानक दूसरी जगह तलाशने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कार्रवाई का असर केवल संचालकों पर ही नहीं बल्कि पीजी में रह रहे लोगों पर भी पड़ने की आशंका है।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित संपत्ति का इस्तेमाल तय नियमों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं। जिन स्थानों पर अवैध निर्माण पाया जाएगा, वहां नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर उल्लंघन की स्थिति में अवैध हिस्से को हटाने के लिए बुलडोजर चलाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल 1723 अवैध पीजी के चिह्नित होने के बाद दिल्ली में पीजी संचालकों की निगाह आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। यदि बड़े स्तर पर सीलिंग अभियान शुरू होता है तो राजधानी के कई इलाकों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
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