जंतर-मंतर पर जारी धरना, प्रदर्शनकारी बोले मांगें पूरी होने तक संघर्ष

Update: 2026-07-22 14:59 GMT

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का दिल्ली में चल रहा प्रदर्शन बुधवार को और व्यापक हो गया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब जंतर-मंतर से बढ़कर संसद मार्ग और टॉलस्टॉय मार्ग तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे, जिसे रोकने के लिए सुरक्षा बलों को कई बार मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस और प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश के दौरान तनाव बढ़ गया। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से सुरक्षा बलों पर पत्थर और पानी की बोतलें भी फेंकी गईं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। काफी देर तक चले तनाव के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास को एक ट्रक पर चढ़कर समर्थकों से शांति बनाए रखने और पीछे हटने की अपील करनी पड़ी। इसके बाद प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए शांत हुए, लेकिन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया।

CJP नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे प्रदर्शन स्थल से नहीं हटेंगे। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। वहीं सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें आंदोलन में शामिल समर्थकों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेना, घायल कार्यकर्ताओं को मुआवजा देना और शिक्षा मंत्री को पद से हटाना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर, संसद मार्ग और टॉलस्टॉय मार्ग को बंद कर दिया गया है। इन इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जनपथ बाजार, अशोक रोड और कनॉट प्लेस के आसपास भी प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी बढ़ गई है। कई मेट्रो स्टेशनों पर भी सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगाए गए, हालांकि इसका असर प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर ज्यादा नहीं पड़ा। लोग दूसरे रास्तों से प्रदर्शन स्थल तक पहुंचते रहे।

इस आंदोलन में अब केवल छात्र ही नहीं, बल्कि अलग-अलग वर्गों के लोग भी शामिल हो रहे हैं। शुरुआत में युवाओं और छात्र संगठनों तक सीमित रहा प्रदर्शन अब कई राज्यों के लोगों की भागीदारी से बड़ा रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा समेत कई राज्यों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। कई प्रदर्शनकारी अपने परिवार और बच्चों के साथ भी आंदोलन स्थल पर मौजूद हैं।

बुधवार को प्रदर्शन मंच पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी भी देखने को मिली। माकपा नेता वृंदा करात, समाजवादी पार्टी के अतुल प्रधान और महाराष्ट्र के शेतकारी संगठन के मनोज जरांगे पाटिल समेत कई नेताओं ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। नेताओं ने संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।

फिलहाल दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। वहीं CJP ने साफ संकेत दिए हैं कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Tags:    

Similar News