नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज MV ROYAD MAMMADOV पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत हुई, जबकि चालक दल के कुछ सदस्य घायल हो गए। जहाज पर तीन भारतीय नागरिक भी मौजूद थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और घायल चालक दल के सदस्यों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचाकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है।विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर घटना पर गंभीर चिंता जताई। मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर हो रहे हमले चिंता का विषय हैं और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में ऐसी घटनाएं वैश्विक व्यापार के साथ-साथ समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को भी प्रभावित करती हैं। भारत ने एक बार फिर जारी संघर्षों को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील दोहराई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि MV ROYAD MAMMADOV पर हुए हमले में दो विदेशी नाविक मारे गए और चालक दल के कुछ सदस्य घायल हुए। मंत्रालय के मुताबिक जहाज पर मौजूद तीन भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। घायल लोगों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचाया और उनका इलाज जारी है। भारतीय पक्ष ने घटना के बाद तेजी से कार्रवाई करने के लिए रोमानिया के अधिकारियों का आभार भी जताया।भारतीय दूतावास ने भी भारतीय नागरिकों की स्थिति पर नजर बनाए रखी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों भारतीय नागरिकों से संपर्क किया गया और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। इनमें से एक भारतीय को चोट आई थी और उसे चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। भारतीय दूतावास ने अस्पताल अधिकारियों के साथ भी संपर्क बनाए रखा और भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री मार्गों पर चलने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। व्यापारिक जहाजों पर हमले केवल जहाज पर मौजूद लोगों के जीवन को खतरे में नहीं डालते, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है।ब्लैक सी दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष के बीच यहां कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। हाल के दिनों में क्षेत्र में कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं।
भारत ने कहा है कि किसी भी संघर्ष का समाधान हिंसा या हमलों के जरिए नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इसी नीति को दोहराते हुए कहा कि जारी संघर्षों को खत्म करने के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे का रास्ता है।भारत ने कमर्शियल शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा को लेकर पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई है। सितंबर 2026 में भारत और लाइबेरिया ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान 25 देशों के एक समूह के साथ शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा को लेकर पहल की थी। इसका उद्देश्य समुद्री कर्मचारियों और व्यापारिक जहाजों को लक्षित हमलों से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है।
MV ROYAD MAMMADOV की घटना के बाद भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा थी। भारतीय दूतावास ने रोमानियाई अधिकारियों और चिकित्सा संस्थानों से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी हासिल की। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि जहाज के क्रू में शामिल तीनों भारतीय सुरक्षित हैं।इस घटना ने एक बार फिर उन जोखिमों को उजागर किया है जिनका सामना संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों के आसपास से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को करना पड़ रहा है। समुद्री परिवहन वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री, ऊर्जा, कच्चा माल तथा अन्य उत्पाद जहाजों के जरिए ही एक देश से दूसरे देश पहुंचाए जाते हैं। ऐसे में कमर्शियल जहाजों पर हमले का असर केवल संबंधित जहाज या चालक दल तक सीमित नहीं रहता।
भारत ने रोमानिया की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि घायल चालक दल के सदस्यों को समय पर बचाया गया और चिकित्सा सहायता दी गई। विदेश मंत्रालय ने नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गंभीरता से काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया।MV ROYAD MAMMADOV पर हुए हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। भारत ने घटना की निंदा करते हुए साफ किया है कि कमर्शियल शिपिंग और नाविकों को संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए जारी संघर्षों का समाधान तलाशने की अपील की है।