नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सीवर जाम की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। पिछले करीब छह महीने से सीवर की समस्या से जूझ रहे लगभग 500 परिवारों को गंदे पानी और दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार सीवर ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी गलियों और आसपास के इलाकों में फैल रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। लोगों को डर है कि जमा गंदे पानी से डेंगू और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इलाके के लोगों का कहना है कि सीवर जाम की समस्या कोई नई नहीं है। कई महीनों से विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि सफाई और सीवर व्यवस्था की अनदेखी के कारण अब हालात और खराब होते जा रहे हैं। गंदे पानी की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्गंध के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। वहीं, बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गंदगी और लंबे समय तक जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बनाता है। डेंगू से बचाव के लिए आसपास पानी जमा न होने देना और साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। दिल्ली में डेंगू नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी निगरानी और रोकथाम उपायों पर जोर दे रहा है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द सीवर लाइन की सफाई कराए और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करे। लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी सफाई से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि सीवर सिस्टम की स्थायी मरम्मत जरूरी है।
वहीं, बढ़ते डेंगू खतरे को देखते हुए लोगों ने क्षेत्र में फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण अभियान चलाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के बाद बीमारी फैलने की आशंका बढ़ सकती है। प्रशासन और संबंधित विभागों से अब लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या पर जल्द कार्रवाई होगी। जनकपुरी के निवासी चाहते हैं कि स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।
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