नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने उनकी पहले से मौजूद Z+ श्रेणी की सुरक्षा में अतिरिक्त रिजर्व जवानों की तैनाती की है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के दिल्ली स्थित आवास, चुनाव आयोग के कार्यालय और उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि 7 अक्टूबर को अतिरिक्त रिजर्व जवानों की तैनाती बढ़ाने के आदेश के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। नई दिल्ली की न्यू मोती बाग कॉलोनी में स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। इसके अलावा चुनाव आयोग के कार्यालय परिसर और मुख्य चुनाव आयुक्त की व्यक्तिगत सुरक्षा में भी अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां संबंधित स्थानों पर निगरानी और आपसी समन्वय बनाए हुए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। यह देश की उच्च सुरक्षा श्रेणियों में शामिल है। इस व्यवस्था में संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से मौजूद व्यवस्था के अतिरिक्त रिजर्व जवानों को शामिल करने का फैसला किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन की गतिविधियों और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखकर आवश्यक कदम उठा रही हैं।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हालिया खुफिया सूचनाओं और विरोध प्रदर्शनों के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। स्थानीय जिला पुलिस को भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के अलावा उनके परिवार के आगरा स्थित घर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन होने की जानकारी सामने आई थी। सुरक्षा अधिकारियों ने इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए संभावित खतरों का आकलन किया। इसके बाद दिल्ली स्थित आवास और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास तक पहुंचने का प्रयास कर चुके हैं। इन घटनाओं के बाद संबंधित स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। न्यू मोती बाग कॉलोनी में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाने के पीछे भी विरोध प्रदर्शनों को प्रमुख कारण बताया गया है।
दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है।
हालांकि, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में गलत आचरण तथा राजनीतिक पक्षपात से जुड़े आरोपों का खंडन किया है। ऐसे में SIR को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। 6 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इसके अगले दिन 7 अक्टूबर को भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया और पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया।
इन घटनाओं के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास और चुनाव आयोग से जुड़े संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती इसी व्यवस्था का हिस्सा है।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बढ़ाने का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकना है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात अलग-अलग एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ने के साथ ही स्थानीय पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन से संबंधित गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। हालांकि, अतिरिक्त CISF रिजर्व जवानों की कुल संख्या को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया गया है।
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा भी स्थगित होने की खबर सामने आई है। उनका 7 और 8 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ का दौरा प्रस्तावित था, लेकिन चुनाव आयोग ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थगित कर दिया। आयोग की ओर से दौरे की नई तारीख बाद में घोषित करने की बात कही गई है। हालांकि, दौरा स्थगित होने का सीधा संबंध सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने से होने की पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय सुरक्षा बल और दिल्ली पुलिस सतर्क हैं। एक ओर विपक्षी दल SIR से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास, कार्यालय और व्यक्तिगत सुरक्षा को मजबूत करने में जुटी हैं।
7 अक्टूबर को अतिरिक्त रिजर्व जवानों की तैनाती के बाद ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा का दायरा और बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखना और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।