Delhi दिल्ली: हाल ही में हुई आग लगने की घटना के बाद एक निवासी ने अपने बयान में आग फैलाने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि घटना के समय वह अपनी तीसरी मंज़िल पर घर पर थीं और पूजा के बाद अपने बच्चों के साथ खाना खा रही थीं। निवासी ने कहा, "मुझे नहीं पता क्या हुआ। लोगों ने अलग-अलग बयान दिए हैं, लेकिन कोई भी किसी पर यूं ही आरोप नहीं लगा सकते।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पति का नाम राजीव है और वह स्वयं भी यहीं रहती हैं, इसलिए वह इस इमारत को जलाने जैसी हरकत नहीं कर सकतीं।
उन्होंने आगे कहा कि जिस अन्य व्यक्ति का नाम मीडिया में या बयान में लिया गया है, वह भी ऐसा कुछ करने में सक्षम नहीं है, क्योंकि उसका भाई भी यहीं रहता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई झूठे बयान और आरोप इस मामले में सामने आए हैं। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि इमारत के निवासियों के बीच सुरक्षा और आरोप-प्रत्यारोप को लेकर उत्सुकता और भ्रम फैल गया था। इस घटना ने यह भी दिखाया कि सत्य और झूठ के बीच अंतर को समझना और जांच करना कितना आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने आग लगने के बाद घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति पर नियंत्रण पाया। इस दौरान सभी निवासियों से पूछताछ की गई ताकि सच्चाई सामने आ सके और झूठे आरोपों को अलग किया जा सके। निवासी ने अंत में कहा कि इस तरह के झूठे बयान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। उन्होंने निवासियों और प्रशासन से अपील की कि सभी पक्ष शांतिपूर्वक और सत्य पर आधारित बयान दें, ताकि मामले की सही जांच हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इस घटना ने यह भी संकेत दिया कि त्योहार और उत्सव के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि छोटे विवाद और अफवाहें बड़े हादसों का रूप न ले सकें।