न्यूज़ दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के अनेक अभ्यर्थियों ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके अनुरोध किया है कि अधिकारियों को 17 जुलाई को होने वाली 2022 की परीक्षा स्थगित करने का निर्देश दिया जाए। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया गया, जिसने इसे वीरवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी।
परीक्षा केंद्रों की दूरी और बाढ़ प्रभावित इलाके बने याचिका का कारण: याचिकाकर्ताओं के वकील ने यह जानकारी दी। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि अधिकारियों द्वारा उनकी शिकायतों पर ध्यान देने के बाद परीक्षा की तिथि पुन: निर्धारित करने के लिए नये सिरे से अधिसूचना जारी की जानी चाहिए। याचिका में कहा गया कि नीट यूजी का दूसरा चरण भी आयोजित किया जाए। क्योंकि कई परीक्षा केंद्र बाढ़ प्रभावित इलाकों के अंतर्गत आ गए हैं। इसके अलावा कई परीक्षा केंद्रों की दूरी भी अधिक है। नीट यूजी परीक्षा को लेकर याचिका कर्ताओं ने सीमित समय में एक शिकायत सुनने की प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की है। ताकि उम्मीदवार अपनी समस्या प्रकट कर सकें।