QR कोड और बायोमेट्रिक से लैस होंगे राशन कार्ड

Update: 2026-07-16 16:54 GMT

दिल्ली: सरकार राजधानी की राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही 'स्मार्ट-पीडीएस' (Smart Public Distribution System) परियोजना लागू करने की तैयारी कर रही है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद राशन वितरण में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा और आम लोगों को कई सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगी।

स्मार्ट-पीडीएस योजना के तहत मौजूदा राशन कार्ड को स्मार्ट राशन कार्ड में बदला जाएगा। इन नए कार्डों में क्यूआर कोड और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही राशन वितरण प्रणाली को बायोमेट्रिक और चेहरे की पहचान तकनीक से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी, फर्जी लाभार्थियों और कालाबाजारी पर रोक लगाना है।

नई व्यवस्था के तहत राशन लेने वाले उपभोक्ताओं की पहचान केवल अंगूठे के निशान से ही नहीं होगी, बल्कि फेस रिकग्निशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि वास्तविक लाभार्थी को ही सरकारी राशन का लाभ मिले। सरकार का मानना है कि इस कदम से राशन वितरण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगी।

दिल्ली सरकार का खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए विभाग ने 16 सदस्यीय यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग कमेटी (यूएटी) का गठन किया है। यह समिति राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) ऐप की जांच और समीक्षा करेगी।

इस कमेटी में दिल्ली के 13 जिलों के सहायक आयुक्तों सहित कई अधिकारी शामिल हैं। समिति का काम ऐप के अलग-अलग फीचर्स की जांच करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि ऑनलाइन सेवाएं आम लोगों के लिए आसान और उपयोगी हों। जांच के बाद जरूरत के अनुसार ऐप में सुधार किए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्मार्ट-पीडीएस योजना के तहत उपभोक्ता घर बैठे अपने राशन वितरण की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। उन्हें यह पता चल सकेगा कि राशन की दुकान पर कितना अनाज उपलब्ध है और वितरण की स्थिति क्या है। इसके अलावा राशन कार्ड में परिवार के नए सदस्यों का नाम जोड़ने या किसी सदस्य का नाम हटाने जैसी प्रक्रियाएं भी ऑनलाइन की जा सकेंगी।

इस परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा भी समर्थन प्राप्त है। योजना के तहत राशन दुकानों पर खाद्यान्न की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को राशन लेने से पहले दुकान पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी मिल सकेगी और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।

स्मार्ट-पीडीएस की एक बड़ी खासियत 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना के तहत मिलने वाली सुविधा भी होगी। इसके माध्यम से दिल्ली के राशन कार्ड धारक देश के किसी भी हिस्से में रहकर अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर प्रवासी मजदूरों और दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

दिल्ली में वर्तमान समय में करीब 17 लाख राशन कार्ड धारक हैं। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी लाभार्थियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि स्मार्ट राशन कार्ड प्रणाली से राशन वितरण व्यवस्था में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। बायोमेट्रिक पहचान और क्यूआर कोड जैसी सुविधाएं फर्जी राशन कार्ड और गलत तरीके से राशन लेने जैसी समस्याओं को कम कर सकती हैं।

दिल्ली सरकार की यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्मार्ट-पीडीएस लागू होने के बाद राशन वितरण प्रणाली पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और पारदर्शी होने की उम्मीद है। इससे लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और सरकार को भी वितरण व्यवस्था की निगरानी करने में मदद मिलेगी।

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