Students के समर्थन में उतरे राहुल-प्रियंका, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
New Delhi नई दिल्ली : दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रधानमंत्री इस मामले पर चुप हैं। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए और पद से इस्तीफा देना चाहिए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनके मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को भी जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए।
इस बीच, राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने वहां भर्ती उन प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की, जो पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए थे। राहुल और प्रियंका ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके साथ हुई घटना की जानकारी ली।
राहुल गांधी ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की। उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और छात्रों से जुड़े विषयों पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष के जवाब का जिक्र करते हुए कहा कि अध्यक्ष ने कहा कि चर्चा कराने के लिए उन्हें सरकार से बात करनी होगी। राहुल गांधी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका मतलब है कि संसद में बहस कराने के लिए भी सरकार की अनुमति जरूरी हो गई है।
उन्होंने कहा कि संसद जनता के मुद्दों पर चर्चा करने का स्थान है और छात्रों तथा युवाओं से जुड़े गंभीर मामलों को सदन में उठाने का अवसर मिलना चाहिए। विपक्ष लगातार इस मामले में सरकार से जवाब मांग रहा है।
वहीं, सरकार की ओर से इस मामले पर अभी अलग-अलग स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सत्ता पक्ष का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी घटना की जांच तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
छात्रों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी हंगामा देखने को मिल सकता है। विपक्ष जहां पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार मामले की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई का पक्ष रख सकती है।
फिलहाल राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इस मुद्दे को आगे भी उठाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मामले को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है।