Delhi दिल्ली: सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को 4 दिन चलने वाले बजट सत्र को सफल बताते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्र के दौरान निर्धारित एजेंडा पूरी तरह पूरा किया और विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सत्र में अपनी राजनीति को प्राथमिकता दी और जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, "हम 4 दिन तक इंतजार करते रहे कि विपक्ष के लोग आएंगे और जनता के विषय उठाएंगे। लेकिन उन्होंने अपनी राजनीति को प्राथमिकता दी और विधानसभा से दूर रहे। यह बहुत ही निंदनीय है। अगर वे आते तो और अच्छे से दिल्ली की चर्चा हो पाती।"
मंत्री ने सत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार ने बजट और नीति संबंधी विभिन्न प्रस्तावों पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि इस सत्र में दिल्ली के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के मुद्दों पर केंद्रित बहस हुई।
प्रवेश वर्मा का कहना था कि विपक्ष की अनुपस्थिति से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा नहीं हो सकी, जिससे आम जनता के हितों की वकालत में बाधा आई। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सत्र में शामिल होकर अपने राजनीतिक एजेंडे को प्राथमिकता दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवेश वर्मा के बयान से बजट सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका और राजनीतिक रणनीति पर नया ध्यान केंद्रित होगा। सत्र के दौ न हुई चर्चाओं और फैसलों को सरकार ने सकारात्मक बताया, जबकि विपक्ष की गैरमौजूदगी राजनीतिक बहस में नया मोड़ ला सकती है। प्रवेश वर्मा ने अंत में यह भी आश्वासन दिया कि सरकार जनता के हित में काम करती रहेगी और आगामी सत्रों में सभी विषयों पर संतुलित चर्चा सुनिश्चित की जाएगी।