Paper leak विवाद में सियासी घमासान, कांग्रेस नेताओं ने मांगा इस्तीफा

Update: 2026-07-21 11:54 GMT

New Delhi नई दिल्ली :   पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री आवास के नजदीक पहुंचकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन पहले से घोषित बड़े कार्यक्रम की तरह नहीं था, बल्कि इसे काफी गोपनीय तरीके से आयोजित किया गया। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अचानक प्रधानमंत्री आवास के करीब पहुंचे। बताया गया कि राहुल गांधी समेत अन्य नेता प्रधानमंत्री आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर पहुंचने के बाद ही मीडिया को इसकी जानकारी दी गई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने "प्रधानमंत्री इस्तीफा दो" और "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की थी। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा कारणों और निर्धारित नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई।

कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों और युवाओं के अधिकारों की आवाज उठाने के लिए किया गया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

वहीं, सरकार की ओर से इस मामले में पहले भी कहा गया है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

इस प्रदर्शन के बाद एक बार फिर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। संसद सत्र के दौरान भी विपक्ष इन मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेगी।

फिलहाल दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां कांग्रेस इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा आंदोलन बता रही है, वहीं सरकार और सत्तापक्ष की ओर से विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिए जाने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क दोनों जगहों पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।

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