पटना/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष को निर्णायक रूप से हराने का समय आ गया है। नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर बिहार की जनता के जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और चुनाव में हार मिलने के बाद संवैधानिक संस्थाओं तथा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना जनादेश का सम्मान नहीं है।नितिन नवीन के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत हैं। भाजपा अध्यक्ष ने विपक्षी नेताओं के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता जब किसी पार्टी को सरकार चलाने का अवसर देती है, तो सभी राजनीतिक दलों को उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए। चुनावी परिणामों को स्वीकार करने के बजाय लगातार विवाद खड़ा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
राहुल गांधी पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं को घेरने का आरोप
नितिन नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हार का ठीकरा चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ती है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस या विपक्षी दल किसी राज्य में चुनाव जीतते हैं, तब लोकतंत्र की जीत बताई जाती है, लेकिन चुनाव हारने के बाद चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं।नवीन ने इस रवैये को दोहरे मापदंड वाला बताया। उनका कहना है कि चुनाव में जनता का फैसला स्वीकार करना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर जनता के फैसले को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।इससे पहले 17 अक्टूबर 2026 को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में भी नवीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस चुनावी हार के लिए निर्वाचन संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराकर जनादेश का अपमान कर रही है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतपत्र से मतदान की मांग को लेकर भी विपक्ष की आलोचना की थी।
तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना
भाजपा अध्यक्ष ने राजद नेता तेजस्वी यादव को भी अपने निशाने पर रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी बिहार की जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी के जरिए माहौल बनाने में जुटे हैं। नवीन के मुताबिक, बिहार के मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है और विपक्षी नेताओं को उसका सम्मान करना चाहिए।नितिन नवीन इससे पहले भी राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की राजनीतिक सक्रियता पर सवाल उठा चुके हैं। 23 दिसंबर 2025 को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दोनों नेताओं को 'पार्ट टाइम पॉलिटिशियन' बताते हुए आरोप लगाया था कि चुनाव के बाद वे जनता के बीच रहने के बजाय विदेश चले जाते हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव की विधानसभा में उपस्थिति और राजनीतिक जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल उठाए थे।नवीन का कहना है कि बिहार की जनता ने चुनाव के माध्यम से अपना राजनीतिक निर्णय सुना दिया है। ऐसे में विपक्ष को अपनी हार स्वीकार कर जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक राजनीति करने और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।हालांकि, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ओर से इस विशेष बयान पर क्या प्रतिक्रिया आई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती। इसलिए भाजपा अध्यक्ष के आरोपों को उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
दरअसल, दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के बाद भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताया। कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।इसके जवाब में भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत अलग-अलग राज्यों में पदयात्राएं और जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू किए। पार्टी का कहना है कि विपक्ष चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है और जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।1 नवंबर को हरियाणा के रोहतक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस अभियान के तहत पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की दिल्ली रैली और राहुल गांधी की राजनीति पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिलने के कारण वह संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। नवीन ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोच्च है और विपक्ष को उसका सम्मान करना चाहिए।
SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी है विवाद
नितिन नवीन ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव करते हुए विपक्ष से सवाल किया था कि जब चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी, तब विपक्षी दलों ने कितनी आधिकारिक शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास बूथ स्तर पर अपने प्रतिनिधि मौजूद थे, इसके बावजूद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पर्याप्त शिकायतें नहीं की गईं।उन्होंने मतपत्र से मतदान की व्यवस्था दोबारा लागू करने की विपक्ष की मांग का भी विरोध किया। नवीन ने आरोप लगाया कि बिहार में पहले बूथ कैप्चरिंग और मतपत्र लूटने जैसी घटनाएं होती थीं और विपक्ष की मांग राज्य को फिर उसी दौर में ले जा सकती है। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों को उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
भाजपा ने कार्यकर्ताओं से विपक्ष के खिलाफ अभियान तेज करने को कहा
भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि भाजपा जनता के बीच जाकर विपक्ष की राजनीति और उसके आरोपों का जवाब देगी। पार्टी का जोर इस बात पर है कि चुनावी जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए और राजनीतिक दलों को विकास तथा जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आगे बढ़ रहा है और देश की जनता विकास तथा स्थिरता चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सकारात्मक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय लगातार विवाद और विरोध की राजनीति कर रहा है।
विपक्ष और भाजपा के बीच बढ़ सकती है सियासी तकरार
नितिन नवीन के इस बयान को भाजपा के उस राजनीतिक अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी इंडिया गठबंधन के वोट चोरी और SIR संबंधी आरोपों का जवाब दे रही है। दिल्ली की रैली के बाद भाजपा ने भी अलग-अलग राज्यों में पदयात्राओं के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचाने की रणनीति अपनाई है।इस पूरे विवाद में एक तरफ कांग्रेस और राजद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा इसे चुनावी हार के बाद जनादेश पर सवाल उठाने की कोशिश बता रही है।फिलहाल नितिन नवीन के बयान ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को लेकर बहस तेज कर दी है। भाजपा अध्यक्ष का स्पष्ट संदेश है कि विपक्ष को चुनावी जनादेश स्वीकार करना चाहिए। वहीं, विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब भी संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।