संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, नीट मुद्दे पर सरकार घिरी

Update: 2026-07-24 09:37 GMT

नई दिल्ली :  संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को भी दोनों सदनों में विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिला। नीट पेपर लीक, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और दल-बदल विरोधी कानून जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। शुक्रवार को भी लोकसभा में प्रश्नकाल और राज्यसभा में शून्यकाल की शुरुआत नहीं हो सकी।

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले दोनों सदनों में कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सांसदों ने देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इसके बाद जैसे ही सदन की नियमित कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

लोकसभा में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विपक्ष की मांग थी कि नीट पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में बयान दें और शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय की जाए। लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दोपहर 12 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से नीट पेपर लीक मामले पर उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

रिजिजू के बयान के बावजूद विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए और लगातार नारेबाजी करते रहे। पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने हंगामा कर रहे सांसदों से अपील की कि यदि वे किसी मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं तो सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने दें। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के लिए उचित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है, लेकिन विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा।

इस दौरान कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी नीट मामले पर चर्चा कराने की बात कही। वहीं सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े अध्यादेश को विधेयक में बदलने वाले प्रस्ताव को भी सदन में पेश करने का प्रयास किया गया, लेकिन हंगामे के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।

लगातार जारी विरोध के बीच पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने दोपहर करीब 12 बजकर 14 मिनट पर लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

वहीं, राज्यसभा में भी स्थिति अलग नहीं रही। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने जैसे ही सदन में जरूरी दस्तावेज पटल पर रखने की प्रक्रिया शुरू की, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

दोपहर दो बजे जब राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा। आखिरकार हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही भी सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

मानसून सत्र के शुरुआती पांच दिनों में लगातार विपक्ष और सरकार के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष नीट पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित नहीं होनी चाहिए। अब सोमवार को संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर एक बार फिर इन मुद्दों पर बहस होने की संभावना है।

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