नई दिल्ली: चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को भी जारी रहने वाला है। कांग्रेस, वाम दलों और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी CEO कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। आम आदमी पार्टी के मुताबिक प्रदर्शन दोपहर 1 बजे शुरू होगा।
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्षी पार्टियों ने पार्टी को इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। पार्टी ने कहा है कि वह चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सड़क पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेगी।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब एक दिन पहले यानी 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया को वापस लेने, मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नामों को बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई थी। पुलिस ने मार्च को रोक दिया था और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। मंगलवार का प्रदर्शन कई घंटे तक चला। विपक्षी सांसदों ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया और चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने की मांग की। बाद में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और कई नेताओं को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए यह कार्रवाई की गई थी।
विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए गए बदलावों के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। विपक्षी दल इसे चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित, दोहरे या अयोग्य नामों को हटाना तथा पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करना है।
इस मुद्दे पर पिछले कई दिनों से दिल्ली में अलग-अलग संगठनों और विपक्षी दलों के प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस, AAP और वाम दलों के कार्यकर्ताओं के अलावा छात्र और युवा संगठन भी कुछ प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं। 2 अक्टूबर को दिल्ली में ऐसे ही विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था।
आज का प्रस्तावित प्रदर्शन कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर केंद्रित है। यह 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मुख्यालय तक निकाले गए INDIA गठबंधन के मार्च से अलग कार्यक्रम है। मंगलवार के मार्च में AAP शामिल नहीं हुई थी, जबकि बुधवार के प्रदर्शन में पार्टी ने भागीदारी की घोषणा की है। दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। विपक्ष ने कहा है कि वह SIR और मतदाता सूची से संबंधित अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा। दूसरी ओर चुनाव आयोग अपने फैसलों और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का बचाव करता रहा है।
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