नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के केवल दो पद गाने के फैसले की आलोचना की और इसे राष्ट्रीय भावना का अपमान बताया।
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ जैसे पवित्र राष्ट्रीय गीत का सम्मान किया जाना चाहिए और इसके साथ किसी भी तरह की कटौती या बदलाव देश की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसे फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब वोटों के लिए “नई मुस्लिम लीग” की तरह व्यवहार कर रही है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने पार्टी कार्यालय में ‘वंदे मातरम’ के केवल दो पद गाने का निर्णय लिया। बीजेपी ने इस फैसले को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए और इसे राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान की कमी बताया।
‘वंदे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह लंबे समय तक स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। आजादी के आंदोलन के दौरान यह गीत देशभक्ति और एकता के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय गीत का पूरा सम्मान होना चाहिए और इसके सभी प्रमुख हिस्सों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। पार्टी ने कांग्रेस के फैसले को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से पहले भी कहा जाता रहा है कि पार्टी देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और विरासत का सम्मान करती है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि किसी भी कार्यक्रम में गीत या राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों को आयोजन की परिस्थितियों के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर उठा विवाद केवल सांस्कृतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक संदेश भी जुड़े हुए हैं। दोनों प्रमुख दल इस मुद्दे के जरिए अपने-अपने समर्थकों तक संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर देशभक्ति से जुड़े प्रतीकों को लेकर राजनीतिक बहस पहले भी होती रही है। राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत जैसे विषयों पर अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी राय रखते रहे हैं।
बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर किया गया हमला इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है। नितिन नवीन ने अपने बयान के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी यह संदेश देने की कोशिश की कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान का मुद्दा बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच वैचारिक मतभेद लंबे समय से रहे हैं। ऐसे में ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग ले सकता है।
फिलहाल इस मामले में कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वहीं, बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय सम्मान और देशभक्ति से जोड़कर उठा रही है।