New दिल्ली : केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडस्ट्रियल रिलेशंस एंड लेबर एंड अवार्ड्स 2026’ राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में औद्योगिक संबंधों, कार्यस्थल पर भागीदारी और रोजगार के बदलते स्वरूप पर चर्चा की गई।इस सम्मेलन का आयोजन कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) और एम्प्लॉयर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (EFI) की ओर से किया गया। सम्मेलन का विषय था- “AI के दौर में औद्योगिक संबंधों और कार्यस्थल पर भागीदारी को फिर से तैयार करना”।
श्रम व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनसुख मंडाविया ने कहा कि बदलते समय और नई आर्थिक परिस्थितियों के साथ भारत के श्रम और सामाजिक सुरक्षा तंत्र को भी विकसित करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि तकनीक, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में श्रमिकों, उद्योगों और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना जरूरी है।मंत्री ने कहा कि भविष्य की कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक संबंधों को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
AI और नई तकनीकों में अवसर
मनसुख मंडाविया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को रोजगार और विकास के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर बताया।उन्होंने कहा कि AI, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और अन्य अत्याधुनिक तकनीकें आने वाले समय में काम करने के तरीकों को बदलेंगी।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के युवाओं को इन नई तकनीकों के अनुरूप कौशल से लैस करना जरूरी है, ताकि वे भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें।
युवाओं के कौशल विकास पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक से जुड़े कौशल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।मंडाविया ने उद्योग जगत से भी अपील की कि वे कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रधानमंत्री के AI कौशल अभियान का जिक्र
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 के स्वतंत्रता दिवस भाषण का भी उल्लेख किया।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से घोषणा की थी कि अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा।मंडाविया ने कहा कि यह पहल युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उद्योग और कर्मचारियों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत
सम्मेलन में औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने और कार्यस्थल पर कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।मंत्री ने कहा कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति के लिए उद्योग और श्रमिकों के बीच विश्वास और सहयोग जरूरी है।उन्होंने कहा कि बेहतर औद्योगिक संबंधों से उत्पादन क्षमता बढ़ती है और रोजगार का माहौल मजबूत होता है।
AI के प्रभाव पर विशेषज्ञों की चर्चा
राष्ट्रीय सम्मेलन में उद्योग जगत, श्रम क्षेत्र और विशेषज्ञों ने AI के बढ़ते प्रभाव पर विचार रखे।चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि तकनीक को अपनाने के साथ-साथ कर्मचारियों को नए कौशल प्रदान करना भी जरूरी है।AI के कारण काम करने के तरीकों में बदलाव आएगा, इसलिए कंपनियों और कर्मचारियों दोनों को नई परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा।
सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मनसुख मंडाविया ने कहा कि बदलते रोजगार बाजार में सामाजिक सुरक्षा का महत्व और बढ़ गया है।उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए नई तकनीकों और आर्थिक बदलावों को अपनाना जरूरी है।सरकार का लक्ष्य ऐसा श्रम तंत्र तैयार करना है, जिसमें विकास के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
भारत को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से तकनीकी बदलावों को अपना रहा है और AI इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।उन्होंने कहा कि युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाया जा सकता है।
सम्मेलन का महत्व
‘इंडस्ट्रियल रिलेशंस एंड लेबर एंड अवार्ड्स 2026’ सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित किया गया है, जब दुनिया भर में AI और ऑटोमेशन के कारण रोजगार की प्रकृति बदल रही है।इस सम्मेलन के जरिए उद्योग, सरकार और श्रमिक संगठनों के बीच भविष्य की कार्यप्रणाली को लेकर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया।मनसुख मंडाविया ने कहा कि AI के युग में भारत को अवसरों का लाभ उठाने के लिए युवाओं, उद्योगों और श्रम व्यवस्था को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।