New Delhi: SBI ATM उपयोगकर्ताओं के लिए नया चार्ज नियम

Update: 2026-01-13 09:35 GMT

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए ATM और ऑटोमेटेड डिपॉजिट-कम-विड्रॉल मशीन (ADWM) से होने वाले लेन-देन से जुड़े शुल्क में बदलाव की घोषणा की है। यह बदलाव खासतौर पर उन ग्राहकों पर असर डालेगा, जो फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट पूरी होने के बाद अन्य बैंकों के ATM का उपयोग करते हैं।

SBI द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अब फ्री लिमिट के बाद दूसरे बैंकों के ATM से नकद निकासी और अन्य ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों को पहले से ज्यादा चार्ज देना होगा।

फ्री लिमिट के बाद बढ़े चार्ज

बैंक के मुताबिक, SBI अपने ग्राहकों को एक निश्चित संख्या तक फ्री ATM ट्रांजैक्शन की सुविधा देता है। यह सीमा खाताधारक के स्थान (मेट्रो, नॉन-मेट्रो, ग्रामीण क्षेत्र) और खाते के प्रकार पर निर्भर करती है।

लेकिन अब:फ्री लिमिट पूरी होने के बाद दूसरे बैंकों के ATM से कैश निकालने पर ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा, जो पहले की तुलना में अधिक होगा।

इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो बार-बार अन्य बैंकों के ATM का इस्तेमाल करते हैं।

ADWM ट्रांजैक्शन भी दायरे में

SBI ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल ATM तक सीमित नहीं है, बल्कि ADWM (ऑटोमेटेड डिपॉजिट-कम-विड्रॉल मशीन) के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन पर भी लागू होगा।

ADWM के माध्यम से नकद जमा और निकासी की सुविधा लेने वाले ग्राहकों को अब चार्ज स्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर लेन-देन करना होगा।

बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, ATM नेटवर्क के रखरखाव, नकदी प्रबंधन और ऑपरेशनल लागत में बढ़ोतरी के चलते बैंकों द्वारा समय-समय पर चार्ज रिवाइज किए जाते हैं। SBI का कहना है कि यह बदलाव बैंकिंग सिस्टम को अधिक संतुलित और टिकाऊ बनाने की दिशा में किया गया है।

चार्ज बढ़ने की खबर के बाद कई ग्राहकों ने चिंता जताई है, खासकर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में रहने वाले वे लोग, जहां SBI के ATM की संख्या सीमित है और अन्य बैंकों के ATM पर निर्भरता ज्यादा रहती है।

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