Parliament's के मानसून सत्र में फिर उठा NEET मुद्दा, सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

Update: 2026-07-21 09:13 GMT

New Delhi नई दिल्ली :   संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्यसभा में नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और छात्रों के हितों का मुद्दा उठाया। सदन में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसके बाद माहौल काफी गर्म हो गया। स्थिति को देखते हुए राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस मामले में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। खड़गे ने कहा कि छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

खड़गे के बयान के दौरान ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों के सांसद अपनी-अपनी बात रखने लगे, जिससे सदन में शोर बढ़ गया। सभापति ने सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा।

इससे पहले सदन में अपनी बात रखते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर बोलने का मौका दिया गया है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मुद्दा है और इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।

नीट परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से देशभर में विवाद जारी है। छात्रों और विपक्षी दलों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। विपक्ष लगातार संसद में इस मुद्दे को उठाने की मांग कर रहा है और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है।

संसद के मानसून सत्र में पहले दिन से ही विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। नीट परीक्षा और पेपर लीक के अलावा कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी विपक्ष चर्चा की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार की ओर से कहा जाता रहा है कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

राज्यसभा में मंगलवार को हुई कार्यवाही के दौरान नीट मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाब देना चाहिए, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की जा रही है।

हंगामे के बीच सभापति ने सदस्यों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो उन्होंने कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लिया। अब दोपहर 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर यह देखना होगा कि नीट और पेपर लीक मामले पर आगे चर्चा होती है या फिर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखता है।

संसद के मानसून सत्र में नीट परीक्षा का मुद्दा आने वाले दिनों में भी गरम रहने की संभावना है। विपक्ष इस मामले पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार परीक्षा सुधार और जांच से जुड़े कदमों पर अपना पक्ष रख सकती है।

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