नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में ‘उद्यम संवाद 2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSME, स्टार्टअप, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, उद्योग संघों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाया गया। इस दौरान सरकारी सहायता, कारोबार के विस्तार, इनोवेशन और उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों को लेकर चर्चा की गई।कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली के उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने किया। इस मौके पर उद्योग विभाग, दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी DSIIDC और भारत सरकार के MSME मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा बड़ी संख्या में उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने ‘MSME और स्टार्टअप के लिए योजनाओं का संग्रह’ यानी ‘Compendium of Schemes’ जारी किया। इस संग्रह में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की 50 से अधिक योजनाओं की जानकारी शामिल की गई है। इसका उद्देश्य उद्यमियों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराना और उन्हें इन योजनाओं का लाभ लेने में सहायता करना है।उद्योग विभाग के अनुसार, अक्सर छोटे कारोबारी और स्टार्टअप सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद उनका लाभ नहीं उठा पाते। अलग-अलग विभागों और संस्थानों की योजनाओं की जानकारी अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण उद्यमियों के सामने जानकारी जुटाने की चुनौती रहती है। ऐसे में योजनाओं के संग्रह के माध्यम से उन्हें एक ही जगह पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
‘उद्यम संवाद 2026’ के दौरान सरकारी सहायता और कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इनमें वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण, तकनीक का इस्तेमाल, बाजार तक पहुंच और कारोबार के विस्तार से जुड़े अवसर प्रमुख रहे। कार्यक्रम में अधिकारियों और उद्यमियों के बीच सीधे संवाद पर भी जोर दिया गया।MSME क्षेत्र को अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला क्षेत्र माना जाता है। बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम कारोबारी रोजगार तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हैं। वहीं स्टार्टअप क्षेत्र में नई तकनीक और नए कारोबारी मॉडल के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले उद्यम सामने आ रहे हैं। ऐसे में सरकार की योजनाओं तक उनकी आसान पहुंच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में जारी किए गए योजनाओं के संग्रह में केंद्र और दिल्ली सरकार की 50 से अधिक योजनाओं को शामिल किया गया है। इन योजनाओं की जानकारी वित्त, क्षमता निर्माण, टेक्नोलॉजी, बाजार तक पहुंच और कारोबार के विकास जैसे क्षेत्रों से संबंधित है। इसका मकसद यह बताना है कि किस तरह पात्र उद्यमी संबंधित सरकारी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।कार्यक्रम में उद्योग संघों और उद्यमियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। उनके साथ सरकारी अधिकारियों ने योजनाओं और उपलब्ध सहायता को लेकर बातचीत की। इस तरह ‘उद्यम संवाद’ को सरकार और कारोबार जगत के बीच संवाद का मंच बनाने की कोशिश की गई।
उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस पहल के माध्यम से उद्यमियों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। योजनाओं का संग्रह जारी होने के बाद छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप के लिए संबंधित योजनाओं को पहचानना आसान हो सकता है। इसके जरिए वे अपनी जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण से संबंधित विकल्पों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी भी रही। स्वयं सहायता समूहों के लिए वित्त, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समूहों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने से उनके कारोबार को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
उद्योग विभाग और DSIIDC के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इससे उद्यमियों को दिल्ली में औद्योगिक विकास, कारोबारी गतिविधियों और उपलब्ध सरकारी सहायता से जुड़े विषयों पर अधिकारियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला।केंद्र सरकार के MSME मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी से केंद्र की योजनाओं और दिल्ली सरकार की पहलों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा का अवसर मिला। उद्यमियों के लिए केंद्र और राज्य स्तर की योजनाओं को समझना जरूरी होता है, क्योंकि अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग पात्रता और आवेदन प्रक्रिया हो सकती है।
‘Compendium of Schemes’ को इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें योजनाओं को अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार समझने में मदद करने वाली जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य उद्यमियों के लिए सरकारी सहायता की प्रक्रिया को अधिक जानकारीपूर्ण और सुलभ बनाना है।‘उद्यम संवाद 2026’ में इनोवेशन पर भी चर्चा हुई। स्टार्टअप और छोटे कारोबारों के लिए नई तकनीक अपनाना, डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करना और नए बाजारों तक पहुंच बनाना कारोबार के विस्तार के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है। कार्यक्रम में इस तरह के अवसरों और सरकारी सहयोग पर बातचीत हुई।
बाजार तक पहुंच भी छोटे उद्यमियों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। किसी उत्पाद या सेवा को तैयार करने के बाद उसे बड़े बाजार तक पहुंचाना कई कारोबारियों के लिए आसान नहीं होता। सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहायता के जरिए बाजार से जुड़ने के उपलब्ध अवसरों की जानकारी उद्यमियों को दी जा सकती हैक्षमता निर्माण के क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास से जुड़े अवसर भी महत्वपूर्ण हैं। छोटे कारोबारी और स्टार्टअप अगर वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक, मार्केटिंग और अन्य कारोबारी कौशल से जुड़ी जानकारी हासिल करते हैं तो उन्हें अपने कारोबार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के बीच संवाद को भी प्राथमिकता दी गई। इसका उद्देश्य उद्यमियों की समस्याओं को समझना और सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे उन तक पहुंचाना रहा। उद्योग संघों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से कारोबार से जुड़ी सामूहिक चिंताओं और सुझावों को सामने रखने का अवसर भी मिला।दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग की इस पहल के तहत जारी किया गया योजनाओं का संग्रह उद्यमियों के लिए एक संदर्भ दस्तावेज के रूप में काम कर सकता है। इसमें केंद्र और दिल्ली सरकार की 50 से ज्यादा योजनाओं को शामिल किया गया है, जिससे अलग-अलग सरकारी सहायता कार्यक्रमों की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी।
कार्यक्रम में MSME, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और उद्योग संघों को एक मंच पर लाने से कारोबारी क्षेत्र और सरकार के बीच संवाद का दायरा बढ़ाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने योजनाओं और सहायता के विकल्पों की जानकारी साझा की, जबकि उद्यमियों को अपनी जरूरतों और चुनौतियों को सामने रखने का अवसर मिला।‘उद्यम संवाद 2026’ के जरिए दिल्ली सरकार ने छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया है। 50 से अधिक योजनाओं वाले संग्रह के जारी होने से उद्यमियों को वित्त, तकनीक, प्रशिक्षण, बाजार और कारोबार विस्तार से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी एक जगह मिलने की उम्मीद है।